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दो लाख की सुपारी देकर कराई थी सतेंद्र की हत्या

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बागपत।
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फैजपुर निनाना गांव के किसान सतेंद्र की हत्या दो लाख रुपये की सुपारी देकर शूटरों से कराई गई थी। पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि सतेंद्र अपने भाई की हत्या के मामले में समझौता नहीं कर रहा था। पुलिस ने बदमाशों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद हुआ है। इस मामले में नामजद तीन आरोपी फरार हैं।
एसपी जयप्रकाश ने बताया कि 16 मई को फैजपुर निनाना निवासी किसान सतेंद्र की नैथला मोड पर उस समय बाइक सवार तीन बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वह भाई विनोद हत्याकांड के मुकदमे की पैरवी कर कोर्ट से घर लौट रहा था। इस मामले में सतेंद्र के बेटे दीपक कुमार ने रणवीर व ब्रह सिंह पुत्रगण जिले सिंह, प्रियव्रत पुत्र सतवीर निवासी बिहारीपुर समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर अजय पुत्र हरबीर निवासी लोयन, सुनील पुत्र सुरेंद्र निवासी मलकपुर को खेड़की मोड़ बागपत से गिरफ्तार कर किया। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 19 मई 2015 को बिहारीपुर गांव में सतेंद्र के भाई विनोद पुत्र रणधीर निवासी फैजपुर निनाना व वेदपाल उर्फ वेदा निवासी बिहारीपुर की सरे बाजार गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। सतेंद्र इस मामले में पैरवी कर रहा था। मुकदमे में फैसला न करने पर प्रियव्रत ने अजय, सुनील व पिंटू को दो लाख रुपये की सुपारी देकर किसान की हत्या करा दी। पुलिस ने अजय की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। एसपी ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
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जेल में बनाई थी हत्या की योजना
बागपत। पुलिस ने बताया कि आरोपी सुनील 2016 में स्कूटी चोरी के आरोप में जेल गया था। उम्र कम होने के कारण उसे बाल संप्रेक्षण गृह मेरठ भेजा गया था। यहां पहले से बंद फैजपुर निनाना के विनोद हत्याकांड में बिहारीपुर गांव निवासी प्रियव्रत से उसकी मुलाकात हई थी। सुनील ने अपने दोस्त पिंटू से प्रियव्रत की दोस्ती करा दी। इसके बाद प्रियव्रत को जिला कारागार बागपत भेज दिया गया। यहां पर मलकपुर निवासी पिंटू भी बंद था। प्रियव्रत व पिंटू ने जेल में ही सतेंद्र की हत्या करने की योजना बनाई थी। तीन माह पहले दोनों जेल से जमानत पर बाहर आ गए थे। प्रियव्रत ने सतेंद्र की हत्या की सौदा दो लाख रुपये में तय किया। जिसके बाद पिंटू ने अपने साथियों के साथ मिलकर किसान की हत्या कर दी थी।

पढ़ाई-लिखाई की उम्र में उठा लिए हथियार
बागपत। आरोपी सुनील कक्षा 12 का छात्र है जबकि अजय बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ता है। अमीर बनने की चाहत ने दोनों को जुर्म की दुनिया मेें धकेल दिया और दोनों ने कलम की जगह हथियार पकड़ लिया। सुनील पहले भी लूट, चोरी, जानलेवा हमले के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस को अजय का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है। पिंटू भी शातिर बदमाश है जो बागपत के अलावा हरियाणा में भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता है। उस पर जानलेवा हमला, लूट व हत्या के कई मुकदमे दर्ज हैं।
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प्रियव्रत कर रहा था किसान की रेकी
बागपत। पुलिस ने बताया कि 16 मई को सतेंद्र की हत्या करने से पहले अजय, सुनील व पिंटू ने शराब पी। प्रियव्रत किसान की रेकी कर रहा था। जब सतेंद्र गौरीपुर मोड़ से नैथला मोड़ के लिए पैदल जा रहा था तो प्रियव्रत ने अपने साथियों को सूचना दी। जिसके बाद तीनों शूटरों ने किसान की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सुनील ने बताया कि प्रियव्रत ने ही उन्हें हथियार उपलब्ध कराए थे। खर्चे के लिए कुछ रुपये भी दिए। प्रियव्रत व पिंटू में गहरी मित्रता होने के कारण दो लाख रुपये पिंटू को देने की बात कही। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद तीनों आराम से फरार हो गए।
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