दोघट (बागपत)। निरपुड़ा की मासूम नबिया की मौत के मामले में परिजनों की धमकी के बाद पुलिस बैक फुट पर आ गई है। पुलिस ने हत्या के हर पहलू पर जांच शुरू कर दी है। वहीं परिजन भी बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है। रविवार को ग्रामीणों ने बैठक कर बच्ची का पांच चिकित्सकों की टीम द्वारा दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
निरपुड़ा गांव निवासी सरफराज की ढाई साल की बेटी नबिया चार दिन पहले अचानक घर के बाहर से लापता हो गई । परिजनों ने थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। 27 अप्रैल को बच्ची का शव गांव में ही तालाब में मिला । परिजनों ने अपहरण के बाद बच्ची की हत्या का आरोप लगाया । बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबने से आया । परिजनों ने पुलिस पर गुमराह करने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलने का आरोप लगाया । पिता सरफराज ने बताया कि बच्ची को मारकर तालाब में फेंका है। परिजनों ने कहा मामले में सख्त कार्रवाई नहीं की तो उग्र धरना-प्रदर्शन होगा।
रविवार को गांव में ग्रामीणों की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पुलिस मामले को घुमाने का प्रयास कर रही है। दोषियों को बचाया जा रहा है। परिजन बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है। बच्ची के शव का पांच चिकित्सकों की टीम द्वारा दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए। मामले को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह और डीएम से मिलने का निर्णय लिया। इसमें इनाम, इसरार, इमरान, सरफराज, नवाब, निश्चय राणा, यूसुफ, आशू, फुरकान आदि हे। वहीं परिजनों की धमकी के बाद पुलिस भी बैक फुट पर आ गई है। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि पुलिस हत्या के हर पहलू पर भी जांच कर रही है। बच्ची तालाब तक कैसे पहुंची और कौन उसे लेकर गया, इस पहलू पर भी जांच चल रही है। शीघ्र ही मौत के रहस्य से पर्दा उठा दिया जाएगा।
सपा नेताओं ने दी शोक संवेदना
दोघट। निरपुड़ा गांव में नबिया की मौत के बाद शोकाकुल परिवार को शोक संवेदना देने वालों का रविवार को भी तांता लगा रहा। सपा के जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, शौकेंद्र पहलवान ने पहुंचकर पीड़ित परिवार को शोक संवेदना दी। उन्होने पुलिस अधिकारियों से मामले में सही कार्रवाई करने की मांग की।