बागपत। देहरादून पुलिस कस्टडी से असलाह लूटकर छुड़ाए आरोपी गैंगेस्टर अमित उर्फ भूरा के प्रकरण में कुख्यात सुनील राठी की बागपत कोर्ट में कड़ी सुरक्षा के बीच पेशी हुई। रिटायर्ड सिपाही गवाही के लिए नहीं पहुंचा। अगली सुनवाई के लिए 28 नवंबर की तिथि तय की गई है।
भूरा फरारी केस का प्रकरण एडीजे स्पेशल एससी/एसटी कोर्ट में विचाराधीन है। बृहस्पतिवार को रिटायर्ड सिपाही की गवाही होनी थी। बागपत जेल में बंद सुनील राठी और दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद दिनेश उर्फ टापा की बृहस्पतिवार की कोर्ट में पेशी हुई। दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, लेकिन गवाह कोर्ट में नहीं पहुंचा, इस कारण कोर्ट ने 28 नवंबर की तिथि तय की है।
गौरतलब है कि देहरादून पुलिस 15 दिसंबर 2014 को मुजफ्फरनगर के गांव सरनावली निवासी अमित उर्फ भूरा को बागपत कोर्ट में पेशी के लिए लेकर आ रही थी। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित किस्तु ज्योति कान्वेंट हाईस्कूल के पास स्कार्पियो और ऑटो में सवार लोगों ने पुलिस वालों की आंखों में मिर्च स्प्रे कर दो एके-47 व एक कारबाइन लूटकर अमित को छुड़ाया था। पुलिस की विवेचना में सामने आया था कि कुख्यात सुनील राठी निवासी कस्बा टीकरी ने अमित को छुड़ाने की साजिश रची है। उसके इशारे पर ही अमित को छुड़वाया । पुलिस की विवेचना में सुनील राठी समेत 21 सदस्यों के नाम सामने आए थे। इसमें सुनील की माता एवं पूर्व चेयरपर्सन राजबाला चौधरी और दिल्ली के पूर्व विधायक रामवीर शौकीन भी शामिल हैं। केस कोर्ट में विचाराधीन है।
सुनील से मिलने वालों को खदेड़ा
बागपत। सुनील राठी से मिलने के लिए बागपत के अलावा दिल्ली, हरियाणा समेत कई स्थानों से लोग आए। पुलिस ने किसी को भी उनसे नहीं मिलने दिया। पुलिस ने सभी को खदेड़ दिया।