दहेज के लिए पत्नी के हत्यारोपी को पंचायत ने मात्र दस थप्पड़ की सजा देकर माफ कर दिया साथ ही विवाहिता के मायके वालों को फरमान सुनाया कि वे भी इस मामले में पुलिस के पास न जाएं।
विवाहिता को जलने के बाद गंभीर हालत में दिल्ली में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई थी। पीड़ित पक्ष के मुताबिक उसकी बेटी को ससुरालियों ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर जलाकर मार डाला है।
रविवार को इस विवाद को सुलझाने के लिए तुगाना गांव में बैठी पंचायत में हत्यारोपी पति को दस थप्पड़ मारे गए। फैजपुर निनाना गांव के सत्यपाल सिंह के मुताबिक उनकी भतीजी कोमल की शादी करीब ढाई साल पूर्व छपरौली क्षेत्र के तुगाना गांव के युवक योगेश के साथ हुई थी।
आरोप है कि महिला के ससुराल वाले दहेज के लिए अक्सर उसे प्रताड़ित करते थे। उससे आए दिन दहेज की मांग करते थे। आरोप है कि 25 जनवरी को ससुरालियों ने महिला कोमल को कमरे में बंधक बनाकर उसके ऊपर केरोसिन उड़ेलकर आग लगा दी थी।
वह गंभीर रूप से झुलस गई थी। निजी चिकित्सकों ने उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया था। शुक्रवार को उसकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने के लिए धमकी भी दी गई।
इस बीच फैजपुर-निनाना निवासी मृतका महिला कोमल की मां महेंद्री ने बताया कि मौत की सूचना मिलने पर रविवार को वे तुगाना में गांव में पहुंची। वहां पर पंचायत हुई। पंचायत में उन पर घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने का दबाव बनाया गया। कहा गया कि रिपोर्ट दर्ज करने से कुछ हासिल नहीं होगा।
कोमल की मासूम बच्ची की जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। अब कोमल की बेटी का कोमल के ससुरालवाले पालन पोषण करेंगे। महेंद्री का कहना है कि पंचों के दबाव पर ही पुलिस को सूचना नहीं दी गई। उधर, ग्राम प्रधान धर्मेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि इस मामले में गांव में पंचायत हुई थी।
पंचायत में मृतका के पति की थप्पड़ों से पिटाई की गई। साथ ही परिवार को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे मासूम बच्ची का पालन पोषण करें। साथ ही उसकी 50 हजार रुपये की एफडी कराने को कहा है। उनका कहना है कि पूरा गांव बच्ची की देखरेख करेगा।
विवाहिता कोमल के परिवार पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं दिया गया है। एएसपी विद्या सागर मिश्र ने कहा है कि विवाहिता की मौत और तुगाना गांव में पंचायत होने की उन्हें जानकारी नहीं है। इसका पता लगाया जाएगा।