बरनावा वन्य क्षेत्र के कृष्णा नदी के पास सूखा पड़ा पौधा
बागपत में पिछले साल वन महोत्सव पर लगाए गए लाखों पौधों का पता नहीं और अब फिर से जिले में 13 लाख 77 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। पिछले साल लगाए गए पौधों की देखभाल नहीं होने और समय पर पानी नहीं दिए जाने के कारण पौधे पेड़ बनने से पहले ही सूख गए।
वन महोत्सव में वर्ष 2022 में जिले में 14 लाख पौधे लगाए गए थे। सांसद डाॅ. सत्यपाल सिंह ने बालैनी के लवकुश मंदिर में पौधरोपण कर अभियान की शुरूआत की थी। इसके अलावा जिले में जंगल से लेकर औद्योगिक क्षेत्रों में वन विभाग व अन्य विभागों ने मिलकर 14 लाख से अधिक पौधे लगाए थे। साथ ही पौधों की देखभाल करने का संकल्प भी लिया था। पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल करने, आवारा पशुओं से बचाने और पानी देने की व्यवस्था नहीं कराई गई। जिस कारण पौधे पेड़ नहीं बन पाए और सूख गए।
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वृक्ष रक्षक भी हुए क्षतिग्रस्त
वन महोत्सव पर बागपत के औद्योगिक क्षेत्र में पौधे लगाए गए थे, जिनकी सुरक्षा के लिए वृक्ष रक्षक भी बनाए गए थे। जहां देखभाल नहीं होने के कारण वृक्ष रक्षक भी क्षतिग्रस्त हो और उनमें लगाए गए पौधे भी खराब हो गए।
कृष्णा नदी किनारे भी सूख गए पौधे
पिछले साल बरनावा क्षेत्र में कृष्णा नदी किनारे भी वन विभाग की तरफ से पौधे लगाए गए थे, लेकिन देखरेख नहीं होने के कारण पौधे सूख गए। जहां कुछ पौधे ही हरे भरे हैं, जबकि अधिकांश पौधे खराब हो चुके हैं।
पतझड़ का मौसम चल रहा है, जिससे अधिकांश पेड़ों के पत्ते झड़ गए हैं। मौसम बदलने के बाद पौधे अपने आप हरे हो जाएंगे। पौधे खराब होने का मामला संज्ञान में नहीं है। इस बार वन महोत्सव पर 13 लाख 77 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है, जिसकी तैयारी की जा रही है।
- हेमंत कुमार सेठ, डीएफओ, वन विभाग।