बागपत। यहां कलक्ट्रेट में कन्वेंशन सेंटर तो पुरा महादेव में हिंडन रिवर फ्रंट बनाने की तैयारी है। इसके अलावा कलक्ट्रेट के पास ही कमांड सेंटर भी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह सब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के जिलों में एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने के तहत प्रस्ताव में शामिल किए गए हैं। जिनका प्रस्ताव बोर्ड में मंजूर होते ही बजट जारी होगा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के जिलों में विकास कार्यों पर एक हजार करोड़ खर्च करने की योजना है। इसके लिए ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र उप्र के आयुक्त कार्यालय से कार्यों के प्रस्ताव मांगे गए थे। इनमें ऐसे कार्य शामिल किए जाने थे, जिनको मंजूरी मिलने पर जल्द से जल्द कराया जा सके। इसके लिए बागपत से कलक्ट्रेट में कन्वेंशन सेंटर (सम्मेलन केंद्र) का निर्माण कराने का प्रस्ताव दिया गया। इसके साथ ही पुरा महादेव में हिंडन किनारे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रिवर फ्रंट बनाने और युवाओं को अहम जानकारियां देने के लिए कमांड सेंटर बनाने का प्रस्ताव बनाया गया है। इन प्रस्ताव को बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण की तरफ से आयुक्त कार्यालय में भेज दिया गया है। इसको उप्र आयुक्त कार्यालय से 15 अक्तूबर तक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र बोर्ड को भेजा जाएगा और इसके बाद बोर्ड की बैठक में इसको रखा जाएगा। इनको मंजूरी मिल जाती है तो जल्द ही बजट जारी हो जाएगा और इनपर कार्य भी शुरू करा दिया जाएगा। इस तरह यह पूरी प्रक्रिया जल्द होने की उम्मीद है।
उप्र के इन जिलों को मिलेगा योजना का फायदा
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उप्र का केवल बागपत ही नहीं है, बल्कि मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़ भी इसमें शामिल है। इन जिलों से भी इसके तहत प्रस्ताव मांगे गए है और उनको भी योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।
हमारे यहां से तीन प्रस्ताव भेज दिए गए है। इनमें कन्वेंशन सेंटर, कमांड सेंटर, रिवर फ्रंट शामिल है। इन प्रस्तावों को मंजूरी मिल जाती है तो इसका काफी फायदा बागपत को मिल सकता है। - सुभाष सिंह, सचिव विकास प्राधिकरण