-अप्रैल में अमूल कंपनी ने मेवला व मीतली में खरीदी थी 90 बीघा जमीन, अगले महीने शुरू हो सकता है निर्माण
-बागपत व मेरठ के करीब एक लाख दुग्ध उत्पादकों को फायदा होगा तो तीन हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। अमूल कंपनी के बागपत में 800 करोड़ रुपये से होने वाले प्लांट का निर्माण जल्द शुरू होगा। क्योंकि मेवला व मीतली के पास अप्रैल में खरीदी गई 90 बीघा जमीन का दाखिल खारिज हो गया है। अब वह जमीन अमूल कंपनी के नाम हो गई है और उसपर वह निर्माण शुरू कर सकते है। यहां प्लांट लगने से दुग्ध उत्पादकों व युवाओं को उसका फायदा मिलेगा। अमूल कंपनी ने बागपत में 800 करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए आवेदन दिया था। जिसने इनवेस्टर समिट के दौरान एमओयू कराया। अमूल कंपनी के प्लांट लगाने के लिए अप्रैल में कार्रवाई शुरू की थी। जिसके लिए सबसे पहले मेवला व मीतली में 90 बीघा जमीन खरीदी गई। उसकी प्रक्रिया कई दिन तक चली थी और बैनामा होने के बाद जमीन के दाखिल खारिज होने का इंतजार किया जा रहा था। क्योंकि उसके बाद ही काम शुरू कराया जा सकता था। अब उस जमीन का दाखिल खारिज हो गया है और कंपनी वहां अगले महीने निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी कर रही है।
बागपत व मेरठ के एक लाख दुग्ध उत्पादकों को फायदा
अमूल कंपनी का प्लांट लगने से बागपत व मेरठ के करीब एक लाख दुग्ध उत्पादकों को फायदा होगा। निदेशक विनोद चौधरी के अनुसार प्लांट में सीधा दूध लिया जाएगा, जिसके लिए कुछ जगह निर्धारित कर दी जाएगी। जहां दूध एकत्र करके प्लांट में लाया जाएगा। इस तरह दुग्ध उत्पादकों को फायदा होगा। क्योंकि उनको दूध लेकर दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा और यहां दाम भी बेहतर मिल सकेगा।
तीन हजार युवाओं को रोजगार की उम्मीद
अमूल कंपनी को यहां लेकर आने के लिए सांसद डा. सत्यपाल सिंह पिछले काफी समय से प्रयास कर रहे थे। इसके लिए कई बार प्रतिनिधि मंडल यहां जगह को देखने के लिए भी आया। सांसद डा. सत्यपाल सिंह ने उनको सहयोग का भरोसा दिलाया तो यहां प्लांट लगाने के लिए तैयार हुए। उसके बाद ही पूरी प्रक्रिया हुई और अब यहां प्लांट लगने से करीब तीन हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा।
मेवला व मीतली में अमूल कंपनी ने जिस जमीन का बैनामा कराया था। उसका दाखिल खारिज हो गया है। अब कंपनी वहां अन्य प्रक्रिया पूरी करके निर्माण शुरू करा सकती है। प्रसून कश्यप, तहसीलदार