बागपत। छुट्टा गोवंशों की समस्या का समाधान कराने के लिए शासन ने खजाना खोल दिया है। जिसमें वृहद गौ संरक्षण केंद्र के लिए जगह तलाशने के निर्देश जारी किए गए है। बताया कि जहां भी ग्राम पंचायत की एक एकड़ जमीन खाली मिले, वहीं पर 1.20 करोड़ रुपये खर्च कर वृहद गो संरक्षण केंद्र का निर्माण कराने के निर्देेश दिए।
जिले में हजारों छुट्टा गोवंश खेतों से लेकर सड़कों पर घूमते रहते हैं। खेतों में छुट्टा गोवंश फसल बर्बाद कर किसानों को नुकसान पहुंचाते रहते हैं तो शहरी क्षेत्र में अक्सर छुट्टा गोवंशों का उत्पात देखने को मिल जाता है। जिससे लोगों को परेशानी के साथ नुकसान भी उठाना पड़ता है।
उधर छुट्टा गोवंशों का संरक्षण करने के लिए जिले में दो वृहद गो संरक्षण केंद्रों समेत 23 गोशालाएं संचालित हैं। जहां चार हजार से अधिक गोवंशों का संरक्षण किया गया है, लेकिन इसके बाद भी यह समस्या खत्म नहीं हुई। जिसको लेकर पशुपालन विभाग ने वृहद गो संरक्षण केंद्र बनाने की तैयारी की है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. रमेश चंद्रा ने बताया कि छुट्टा गोवंशों का संरक्षण करने के लिए शासन ने सभी गांवों में ग्राम पंचायत की खाली जमीन तलाशने के निर्देश दिए है। जहां भी एक एकड़ जमीन मिलेगी, वही का प्रस्ताव मुख्यालय को भेज दिया जाएगा। एक गो संरक्षण केंद्र पर 1.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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3.60 करोड़ रुपये का बजट मंजूर
कुछ दिन पहले पशुपालन विभाग ने बिजवाड़ा, ककौरकलां और नंगलाबड़ी गांव में वृहद गो संरक्षण केंद्र के लिए प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय को भेज दिया था। जिनके निर्माण के लिए 3.60 करोड़ रुपये बजट स्वीकृत हो गया है। जिनका निर्माण भी जल्द शुरू हो जाएगा।