बड़ौत। अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित खबर ''बढ़ी डिमांड अवैध, वसूली का खेल शुरू'' का मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया है। उनकी नाराजगी के बाद अपर मुख्य सचिव लखनऊ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर अवैध वसूली रोकने, प्रत्येक तहसील में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने व लेखपालों के नंबर चस्पा करने के साथ-साथ शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है। लापरवाही पर कार्रवाई की हिदायत दी गई है।
यूपी पुलिस भर्ती की घोषणा होने के बाद ही ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र सहित अन्य प्रमाणपत्रों के बनवाने वालों की संख्या बढ़ गई थी। लेखपालों ने अपने क्वार्टर में प्राइवेट युवक रख लिए थे और ईडब्लूएस प्रमाणपत्र जारी करने के नाम पर अवैध वसूली शुरू कर दी थी। बार-बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे थे। 7 जनवरी को अमर उजाला ने खबर प्रमुख से प्रकाशित की थी। इसका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए अवैध वसूली पर नाराजगी जताई।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव सुधीर गर्ग ने प्रदेश के सभी डीएम को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि अवैध वसूली तुरंत बंद हो और प्रत्येक तहसील में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के साथ-साथ लेखपालों के नंबर चस्पा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अवैध वसूली का मामला सामने आया तो संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र में आने वाली कठिनाइयों को भी दूर करने के लिए कहा गया है।