बागपत में टटीरी की तरफ आवासीय से लेकर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई गई है तो बड़ौत में दिल्ली-देहरादून इकॉनमिक कॉरिडोर के मेरठ व मुजफ्फरनगर रोड वाले चौराहों के पास सबसे ज्यादा विकास कराने की योजना है।
इनके अलावा खेकड़ा में हसनपुर मसूरी व सुभानपुर की तरफ औद्योगिक क्षेत्र सबसे ज्यादा विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसपर अगस्त 2022 के आखिर तक आपत्तियां व सुझाव मांगे गए थे। इसको लेकर 568 आपत्तियां मिली थी, जिनपर तभी सुनवाई करके निस्तारण कर दिया था। उसके बाद भी महायोजना फाइलों में दबी रही।
अब दोबारा से मामला उठा तो आपत्तियों पर पिछले महीने ही दोबारा सुनवाई हुई। उन आपत्तियों में जिस तरह की खामियां महायोजना में निकलकर आई है, उनके आधार पर महायोजना में बदलाव कर दिया गया है। इस तरह बदलाव के बाद महायोजना का फाइनल ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और उसको मेरठ में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में 30 अगस्त को होने वाली बैठक में रखा जाएगा।
महायोजना में इस तरह बदलाव हुआ
जिन जगहों पर घर बनाकर लोग रहने लगे है, वहां महायोजना 2031 में औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित कर दिया गया था। इसके साथ ही आपत्तियां मिली थी कि डूंडाहेड़ा के पास हाईवे किनारे की सुविधाएं और सांकरौद में लॉजिस्टिक पार्क की जगह में बदलाव किया जाए। क्योंकि इन सभी को वहां कोई औचित्य नहीं है। यह सभी बदलाव महायोजना में कर दिए गए है।
महायोजना में आपत्तियों के आधार पर बदलाव कर दिया गया है। अब मेरठ में 30 अगस्त को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बैठक होगी। यह उम्मीद है कि उसमें महायोजना पर मुहर लग सकती है। उसके बाद नक्शे पास करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। - पंकज वर्मा, एडीएम