सहारनपुर में सेना भर्ती रेली के दौरान मैदान में दौड़ते बुलंदशहर के युवा।
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सेना भर्ती रैली में सोमवार को बुलंदशहर जनपद की बुलंदशहर, अनूपशहर और सियाना तहसीलों के 7469 अभ्यर्थी मैदान पर दौड़ के लिए पहुंचे।
इनमें से 767 अभ्यर्थी प्री हाईट टेस्ट में ही बाहर हो गए जबकि बाकी हजारों अभ्यर्थियों के दौड़ लगाने के बावजूद महज 317 का ही हुआ चयन। बुलंदशहर जिले से दो दिन में अब तक सबसे अधिक कारीब 14000 अभ्यर्थियों ने दौड़ लगाई।
मगर इतने हजूम के बावजूद बेहद कम अभ्यर्थियों का ही चयन हो पाया। देहरादून हाइवे पर सोमवार को भी रैली के दौरान मैदान पर दौड़ लगाने पहुंचे अभ्यर्थियों में चार ऐसे मिले जो फर्जी निकले। ये युवक दूसरे के दस्तावेज लेकर दौड़ रहे थे।
संदिग्ध पाए जाने पर पकड़े गए। दूसरी ओर, असफल होने वाले कई अभ्यर्थियों ने कहा कि उनके जिले से अधिक भीड़ होने के कारण रनिंग ट्रैक पर उम्मीद से कहीं अधिक अभ्यर्थियों को एक साथ दौड़ाया गया।
इसके चलते एक दूसरे से टक्कर ज्यादा हुई और दौड़ में कामयाबी कम मिली। भर्ती संयोजक कर्नल पंकज साहनी ने कहा कि बड़ी संख्या में ये अभ्यर्थी आए थे।
आज मेरठ की भर्ती
भर्ती संयोजक कर्नल पंकज साहनी ने बताया कि मंगलवार को मेरठ के अभ्यर्थी पहुंचेंगे। वहां से करीब 12000 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से सात हजार के आसपास के आने का अनुमान है।
केमिस्टों पर लगाम नहीं
सेना भर्ती रैली में सोमवार को भी काफी मात्रा में ड्रग्स इंजेक्शन आदि मिले। इनमें अधिकतर नशीले और दर्द निवारक रहे। इंक इरेजर के रूप में भी कुछ क्रीम का इस्तेमाल सामने आया। दावों के बावजूद सरकारी तंत्र केमिस्टों पर कोई लगाम नहीं लगा पाया है।