बड़ौत। पूर्वी यमुना नहर कोताना रोड के पुल की बुनियाद खोखली हो चुकी है। पिछले 10 साल में पुल की बाउंड्री 50 से अधिक बार टूटकर नहर में गिर चुकी है, जिसकी मरम्मत में खूब पैसा खर्च किया जा रहा है। विभागीय अधिकारी नए पुल की लागत से ज्यादा मरम्मत पर खर्च कर चुके हैं। फिलहाल पुल की टूटी बाउंड्री की मरम्मत में पुरानी ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
बड़ौत-कोताना मार्ग नगर का मुख्य रास्ता है। इस मार्ग पर पूर्वी यमुना नहर का पुल भी पड़ता है। जिससे क्षेत्र के जौनमाना, ढि़काना, बोहला, लुहारी, राजपुर, खामपुर, निनाना, कोताना, जागोस, छपरौली समेत 40 से अधिक गांवों के सैकड़ों ग्रामीण प्रतिदिन आवागमन करते हैं। पुल काफी पुराना व जर्जर हो चुका है, जिसकी बाउंड्री वॉल आए दिन टूटकर नहर में गिरती रहती है। सिंचाई विभाग के कर्मचारी पुल की बाउंड्री की मरम्मत के नाम पर पिछले 10 सालों में 12 से 15 लाख रुपये खर्च कर चुके हैं। जबकि इतनी धनराशि में नए पुल का निर्माण हो जाता। अब मरम्मत में लाखों खर्च होने के बाद फिर से बाउंड्री फिर टूट गई है, जिसकी मरम्मत में पुरानी ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
कुछ माह पहले ही यहां पर मेरी तैनाती हुई है। अक्सर पुल से बड़े वाहनों के गुजरने से बॉउड्री वाल टूटकर नहर में गिर जाती है, जिसकी मरम्मत कराई जाती है। शायद पीडब्ल्यूडी के अधिकारी पुल का निर्माण करा सकते है, उनसे वार्ता की जाएगी। यदि पीडब्ल्यूडी पुल निर्माण के लिए इंकार करता है तो अप्रैल माह में विभाग से प्रस्ताव बनाकर लखनऊ भेजा जाएगा। बाउंड्री की मरम्मत में पुरानी ईंटों के इस्तेमाल की जानकारी नहीं है, यदि ऐसा है तो जांच कर कार्रवाई कराई जाएगी- मुकेश देव अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग बड़ौत।