बागपत, रटौल। कोहरे व पाला से आलू की फसल में झुलसा रोग लगने से पैदावार घट गई। इसके अलावा मंडी में आलू का भाव कम होने से किसानों पर दोहरी मार पड़ गई। जिसके चलते किसानों को इस बार मुनाफा होने के बजाय नुकसान होने का डर सताने लगा है।
क्षेत्र के लहचौड़ा, गौना, भैड़ापुर, विनयपुर, सिंगौली तगा, सरफाबाद, गढ़ी नवादा समेत कई गांवों के सैकड़ों किसान करीब चार हजार एकड़ भूमि पर आलू की फसल उगाते हैं। किसानों ने बताया कि इस बार भी चार हजार बीघा से अधिक भूमि पर आलू की फसल उगाई गई है। जिसमें पिछले एक महीने से पड़ रहे कोहरे व पाला के चलते झुलसा रोग लग गया। जिससे क्षेत्र की 40 फीसदी आलू की फसल झुलस गई और पैदावार काफी कम हो गई। उन्होंने बताया कि एक बीघा जमीन में 30 से 35 क्विंटल आलू की पैदावार होती थी जो घटकर 18 से 20 क्विंटल रह गई है। उन्होंने बताया कि बाजार में भी आलू 600 से 650 रुपये क्विंटल आलू का दाम मिल रहा है।
- लागत भी नहीं निकलेगी
कोहरे और पाले से आलू की फसल में झुलसा रोग लगने से पैदावार कम हो गई है। पिछले साल एक बीघा जमीन में 30 क्विंटल आलू की पैदावार इस बार काफी कम हो गई है। मंडी में दाम कम होने के कारण लागत भी नहीं निकल पाएगी। - पवन शर्मा, लहचौड़ा
- सही भाव दिलाये सरकार
अबकी बार अधिक पाला होने से आलू की पैदावार प्रभावित हुई। बाजार में आलू का दाम कम होने से किसान चिंतित हैं। सरकार किसानों को सही भाव दिलाकर नुकसान से बचाए। - भोपाल सिंह, सरफाबाद
- लागत और मजदूरी निकलना हुआ मुश्किल
बाजार में आलू का भाव सिर्फ छह रुपये किलो है। ऐसे में खेती की लागत और खुदाई करने वाले मजदूरों की मजदूरी निकलना मुश्किल हो गया है। चौधरी गुलबहार, रटौल
- फसल खराब होने से घट गई पैदावार
पाले के कारण आलू की फसल झुलसा रोग लगने से खराब हो गई। जिससे पैदावार भी घट गई। किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। - सोनू यादव, गौना