खेकड़ा। अहिंसा ज्ञान स्थली डूंडाहेड़ा में श्रद्धालुओं ने देव गति को प्राप्त आचार्य ज्ञान सागर महाराज की जन्म जयंती शाकाहार दिवस के रूप में धूमधाम से मनाई गई।
सोमवार को जैन मुनि विज्ञान सागर महाराज के सानिध्य में सुबह 10 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ महाराज श्री की पूजा अर्चना के साथ हुआ। श्रद्वालुओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए। विज्ञान सागर महाराज ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला। अहिंसा ज्ञान स्थली ट्रस्ट के इंदर चंद जैन, नरेंद्र जैन, राजेश जैन, भूषण जैन आदि ने झंडारोहण किया।
इसके बाद ज्ञान सागर जी महाराज के चित्र का अनावरण किया। विज्ञान सागर महाराज ने धर्म सभा में प्रवचन देते हुए कहा कि ज्ञान सागर महाराज महान संत थे। जैन धर्म के साथ उन्हें सभी धर्म ग्रंथों का ज्ञान था। वे शाकाहार के सबसे बड़े पक्षधर थे।
हजारों लोग लोग उनकी प्रेरणा से शाकाहारी बने। वे चमत्कार में विश्वास नहीं करते थे। उनका देव गति को प्राप्त करना जैन समाज की बड़ी क्षति है। बाल ब्रह्मचारी बहन अनीता दीदी, मंजुला देवी, रजनी दीदी और ललिता दीदी ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।
श्रद्धालुओं ने उनकी जन्म जयंती को शाकाहार दिवस के रूप में मनाने और उनकी स्मृति में उनके नाम से एक बड़ा अस्पताल बनवाने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने महाराज श्री की पूजा अर्चना कर धर्म लाभ उठाया।