बागपत। शहर के केतीपुरा में कब्रिस्तान व वक्फ बोर्ड की जमीन पर फर्जी तरीके से प्लॉट काटकर बेचने के मामले में पूर्व सभासद सहित दो आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज हो गई।
जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल नेहरा व अपर जिला शासकीय अधिवक्ता गगन गौड़ ने बताया कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के वरिष्ठ सहायक होविंद्र प्रकाश ने पिछले महीने मुकदमा दर्ज कराया था।
जिसमें कहा गया था कि नगर पालिका परिषद के क्षेत्र में केतीपुरा में खसरा संख्या 2879 व 2910 कब्रिस्तान व वक्फ की करीब साढ़े चार हेक्टेयर भूमि है। इस जमीन पर कुछ लोगों ने धोखाधड़ी करके प्लॉट काट दिए और उनको बेच दिया गया है।
इस मामले में मुतवल्ली हाफिज यामीन, इसलाम, शाहिदा, जिसान, हाजी उस्मान, रूकसाना, बिलाल, गुलिस्ता, इमरान, नसरीन, सलीम, ताहिरा, अलताब, नसीमा, चांद, नईमा, नवाब, शाईस्ता, फईम, दानिश, रईस, मूना, फुररकान, पूर्व सभासद मोमीना, हाफिज इरफान, इस्लाम, हबीबुर्ररहमान, इंतजार, शकील के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
पूर्व सभासद मोमीना व रईस ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। जिसमें दोनों की जमानत याचिका पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम शैलेंद्र पांडेय के न्यायालय में सुनवाई हुई। जहां दोनों की याचिका को निरस्त कर दिया गया।
हत्या के प्रयास में जमानत याचिका खारिज
बागपत। डौला गांव के योगेश ने 15 दिसंबर 2022 को सिंघावली अहीर थाने में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा गया था कि उसका चचेरा भाई जोनी अपने दोस्त कपिल के साथ घर जा रहा था। लेकिन गांव के आकाश, राहुल, विकास ने उनको रोककर फरसे व चाकू से हमला कर दिया। इस मामले में मुकदमा दर्ज करके पुलिस ने आकाश को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इस मामले में आकाश की तरफ से जमानत याचिका दायर की गई। जिसपर सुनवाई करते हुए जिला सत्र न्यायाधीश के न्यायालय से जमानत याचिका खारिज की गई।