इस बार निकाय चुनाव में बागपत से पूर्व चेयरमैन राजूद्दीन, खेकड़ा से पूर्व चेयरमैन संगीता धामा, अमीनगर सराय से पूर्व चेयरमैन मांगेराम यादव दोबारा मैदान में उतरे थे। मगर जनता ने केवल बागपत नगर पालिका में पूर्व चेयरमैन राजूद्दीन को फिर से मौका दिया। संगीता धामा और मांगेराम यादव को नकार दिया। वहीं अन्य जगहों पर कोई पूर्व चेयरमैन मैदान में नहीं उतरा था।
आखिर मिट गई हार की कसक
वर्ष 2012 में जब विधानसभा चुनाव हुए तो नवनिर्वाचित चेयरमैन बबीता तोमर के पति अश्वनी तोमर ने बड़ौत से रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन वह बसपा प्रत्याशी लोकेश दीक्षित से हार गए।
इसके बाद 2017 में अश्वनी तोमर ने रालोद के टिकट पर नगर पालिका बड़ौत के चेयरमैन पद के लिए चुनाव लड़ा, लेकिन उनको निर्वतमान चेयरमैन अमित राणा ने हरा दिया। जिला पंचायत सदस्य रह चुकी बबीता तोमर ने रालोद के टिकट लेकर अपनी किस्मत आजमाई तो जनता ने भी उन्हें प्यार दिया और 10197 वोट से विजयी बनाया। तब जाकर परिवार की हार की कसक मिट गई।