मलकपुर मिल में प्रदर्शन करते कर्मचारी
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बड़ौत के मलकपुर चीनी मिल में चल रहा कर्मचारियों का धरना बुधवार को 21वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने मलकपुर चीनी मिल के खिलाफ प्रदर्शन किया और बृहस्पतिवार को होने वाली मिल गेट पर होनी वाली पंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आहवान किया। कर्मचारियों की हड़ताल की सूचना पर श्रम परिवर्तन अधिकारी भी मौके पहुंचे। फिलहाल कर्मचारियों की हड़ताल खत्म किए जाने को लेकर श्रम प्रवर्तन अधिकारी मिल अधिकार से बातचीत कर रहे हैं।
दरअसल, चीनी मिल कर्मचारी यूनियन के बैनर तले कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर 13 अक्तूबर को हड़ताल शुरू कर दी थी जो बुधवार को 21वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने बताया कि 3 नवंबर को मिल गेट पर ही पंचायत आहूत होगी और इसी पंचायत में आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। कर्मचारियों का कहना था कि जो समझौता हुआ था, उसके तहत एक भी मांग को स्वीकार नहीं किया जा रहा है।
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कर्मचारियों का कहना था कि 30 अगस्त को आश्वासन दिया गया था कि अगस्त माह का वेतन, वेतन वृद्धि एरियर के साथ दिया जाएगा, लेकिन मिल प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया। इतना ही नहीं तानाशाही रवैया अपनाते हुए पांच से 10 साल पुराने लगभग 50-60 कर्मचारियों को ठेकेदारी के तहत डाल दिया गया जोकि लेबर कानून का उल्लंघन है। हड़ताल की सूचना पर श्रम परिवर्तन अधिकारी भी मौके पहुंचे।
फिलहाल कर्मचारियों की हड़ताल खत्म किए जाने को लेकर श्रम प्रवर्तन अधिकारी विनोद कुमार मिल अधिकार से बातचीत कर रहे हैं। धरना प्रदर्शन करने वालों में यूनियन के अध्यक्ष नटवर सिंह, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, रविंद्र कुमार, मोहन कुमार, हरिमोहन, बलराम, सूरजबली आदि 400 कर्मचारी मौजूद रहे।