बागपत के रटौल में डॉक्टर बेटी की शादी में पिता खुद ही कार देना चाहता था, मगर चिट्ठी लेने आये युवक पक्ष के लोगों ने दहेज में कार की मांग कर दी। इससे पूरा मामला बिगड़ गया। हंगामा होने के बाद युवती व उसके पिता ने दहेज लोभियों से रिश्ता तोड़ दिया।
कस्बे के रहने वाले डॉक्टर शकील अहमद ने बताया कि बेटी को पढ़ाकर डॉक्टर बनाया, जिसका छह अक्तूबर को मेरठ जिले के युवक से रिश्ता तय कर दिया था। दोनों पक्षों ने बैठकर पांच नवंबर की शादी भी तय कर दी। बताया कि युवक पक्ष के 21 मेहमान शादी की चिट्ठी लेने उनके यहां आये।
उन्होंने चिट्ठी लेने के बाद शादी में बीस लाख की कार देने की मांग कर दी, जबकि रिश्ता होते समय दहेज के लिए मना कर रहे थे। दहेज में कार की मांग होते ही पूरा परिवार भड़क गया और दहेज लोभियों से रिश्ता रखने से मना कर दिया। डा. शकील ने बताया कि वह खुद अपनी मर्जी से बेटी को कार देने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन दहेज मांगना गलत है।
उधर, खेकड़ा पुलिस ने मामले की जानकारी होने से इंकार किया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में तहरीर मिलने पर दहेज मांगने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कैराना: समझौता होने के बाद दुल्हन हुई विदा
गांव रामड़ा में शादी में दावत के समय झगड़ा होने पर हंगामा हो गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दूल्हे के पिता सहित तीन बरातियों को हिरासत में ले लिया। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। देर रात दुल्हन विदा हुई।
रविवार को गांव रामड़ा में हाजी नफीस की बेटी की बरात बागपत के गांव टांडा से आई थी। शाम के समय खाने के दौरान बरातियों और दुल्हन पक्ष के लोगों के बीच झगड़ा हो गया। सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन दोनों के बीच मौके पर ही समझौता होने के बाद पुलिस लौट गई।