बागपत। हाईकोर्ट ने नगर पालिका का सीमा विस्तार की अधिसूचना को निरस्त कर दिया। दरअसल, सीमा विस्तार की अधिसूचना में आपत्ति दर्ज करने के लिए पहले 15 दिन का समय दिया था, अगले दिन इसे संशोधित कर सात दिन का समय दिया। याचिका कर्ता कहना था कि वह इस वजह से वह अपनी आपत्ति दर्ज नहीं कर पाए।
हाईकोर्ट के फैसले पर शासन स्तर पर मंथन शुरू हो गया है और निकाय चुनाव को देखते हुए जल्द ही इस पर कोई निर्णय लिया जा सकता है। शासन ने 21 सितंबर 2022 में सिसाना, पाली, नयागांव हमीदाबाद को नगर पालिका बागपत में शामिल करने की अंतिम अधिसूचना जारी की थी। सीमा विस्तार के विरोध में कई लोग हाईकोर्ट में चले गए। गांवों नयागांव हमीदाबाद व पाली के प्रधानों की याचिका को कोर्ट ने पहले ही खारिज कर दिया था। सभासद सोनू और अहसान की याचिका पर सुनवाई चल रही थी। इन दोनों ने याचिका दायर करते हुए कहा था कि अगस्त 2022 में सीमा विस्तार की प्राथमिक अधिसूचना जारी करते हुए आपत्ति दर्ज कराने के लिए केवल सात दिन का समय दिया गया, जबकि एक दिन पहले पंद्रह दिन का समय बताया गया था, जिस वजह से वह अपनी आपत्ति दर्ज नहीं कर पाए। इसी आधार पर अधिसूचना निरस्त की गई है।