बागपत। बागपत शुगर मिल का 64 साल बाद विस्तारीकरण कराया जाएगा। मिल के विस्तारीकरण के लिए शासन को 65 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसके लिए शासन से मंजूरी मिल गई है। मिल का विस्तारीकरण होने से मिल की पेराई क्षमता 25 हजार क्विंटल से बढ़कर 35 हजार क्विंटल हो जाएगी, जिससे 22 हजार किसानों को फायदा मिलेगा।
बागपत कॉपरेटिव शुगर मिल का निर्माण 1960 में कराया गया था। मिल की पेराई क्षमता 25 हजार क्विंटल प्रतिदिन है। मिल में 22 हजार किसानों के गन्ने की पेराई की जाती है। मिल पुरानी होने के कारण मिल के केंद्राें को रमाला शुगर मिल को आवंटित करना पड़ता है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। मिल से जुड़े किसान काफी समय से मिल के विस्तारीकरण कराने की मांग कर रहे थे। इसके लिए 65 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिसे मंजूरी मिलने के बाद विस्तारीकरण मिल की पेराई क्षमता बढ़ जाएगी और मिल के केंद्रों को दूसरे मिल को आवंटित नहीं करना पड़ेगा।
35 हजार क्विंटल हो जाएगी मिल की पेराई क्षमता
मिल की एक दिन की पेराई क्षमता 25 हजार क्विंटल है। मिल का विस्तार होने पर पेराई क्षमता 35 हजार क्विंटल प्रतिदिन हो जाएगी। शासन से बजट जारी होते ही मिल के विस्तार कराया जाएगा।
-
दूसरे मिल को नहीं करना पड़ेगा गन्ना डायवर्ट
बागपत शुगर मिल की पेराई क्षमता होने के कारण मिल के लगभग सात केंद्रों का गन्ना रमाला शुगर मिल को डायवर्ट किया जाता है। मिल की पेराई क्षमता बढ़ने से मिल का गन्ना दूसरी मिल पर डायवर्ट नहीं करना पड़ेगा।
मिल के विस्तारीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। मिल का विस्तारीकरण होने से मिल में गन्ने की पेराई क्षमता दस हजार क्विंटल प्रतिदिन बढ़ जाएगी। - वीपी पांडेय, मिल प्रबंधक
-मिल के विस्तारीकरण के लिए शासन स्तर पर बजट स्वीकृत हो गया है। चुनाव के बाद बजट जारी होने पर मिल का विस्तारीकरण कराया जाएगा। - विरेंद्र राणा, डायरेक्टर ऑल इंडिया शुगर फेडरेशन