इसके लिए डीएम को पत्र लिखा है, जिसको कार्रवाई के लिए आगे बढ़ाया गया है। उस पर पुलिस व अन्य विभागों की रिपोर्ट के बाद ही पैरोल को लेकर फैसला लिया जाएगा।
शालू ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि उसकी शादी वर्ष 2014 में खेकड़ा की पट्टी मुंडाला के रहने वाले रामकुमार धामा के साथ हुई थी। वर्ष 2017 में खेकड़ा में दोहरे हत्याकांड़ के मामले में उसके पति जेल चले गए थे। उनको बाद में आगरा जेल में शिफ्ट किया गया था और तब से वह जेल में बंद हैं। शालू धामा का कहना है कि शादी के बाद से उनकी कोई संतान पैदा नहीं हुई है। इसलिए वंश चलाने के लिए उसके पति को 90 दिन की पैरोल दी जाए। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार इस तरह का पत्र मिलने पर प्रक्रिया के तहत विभागों व पुलिस की रिपोर्ट मांगी जाती है और उसके बाद ही कोई फैसला होता है।
नगर पालिका चेयरमैन के देवर समेत दो की हुई थी हत्या
खेकड़ा में दो पक्षों के रंजिश चल रही है। इसमें पहले खेकड़ा नगर पंचायत के चेयरमैन हरेंद्र धामा की हत्या हुई थी। इसके बाद रामपाल धामा समेत दो की हत्या हुई। इसके बाद वर्ष 2017 में नगरपालिका चेयरपर्सन नीलम धामा के देवर पुष्पेंद्र धामा और साथी की गोली मारकर हत्या की गई। इस वर्ष 2017 में हुए हत्याकांड के मामले में वह जेल में बंद है। वहीं पति की पैरोल मांगने वाली शालू धामा भी नगर पालिका की वर्ष 2022 तक चेयरमैन रही संगीता धामा की देवरानी है। जिसकी पैरोल मांगी गई है, उसे दोहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है।