डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम अपने किसी करीबी के नाम वसीयत कर सकता है। वसीयत करने को लेकर पूरी प्रक्रिया की प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी मांगी गई है। हालांकि अधिकारियों को भी यह नहीं बताया गया है कि वसीयत किसके नाम करनी है। वहीं यह मामला उजागर होने पर डेरा की तरफ से वसीयत की किसी भी तरह की बात से इंकार किया गया है।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दुष्कर्म के मामले में वर्ष 2017 में सजा सुनाई गई थी तो वर्ष 2021 में उसे हत्या के एक मामले में उम्रकैद हुई थी। इसके बाद से वह रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। वह 15 अक्तूबर को जेल से पैरोल पर आया था और बरनावा आश्रम में रह रहा है।
इस बीच ही चर्चाएं चलीं कि उसने हनीप्रीत को अपना उत्तराधिकारी बना दिया है। जिसके बाद गुरमीत सिंह ने ऑनलाइन सत्संग में कहा कि डेरा प्रमुख वह खुद ही रहेंगे और हनीप्रीत को नया पद रूहानी दीदी बनाकर दिया गया है।
वहीं अब डेरा प्रबंधन में शामिल कुछ लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया कि अगर डेरा प्रमुख कोई वसीयत करना चाहे तो उसके लिए क्या प्रक्रिया होगी। एक अधिकारी ने बताया कि वसीयत को लेकर प्रक्रिया के बारे में जानकारी की गई थी, लेकिन वसीयत किसके नाम करनी है, इस बारे में कुछ नहीं बताया गया। वहीं डेरा के मीडिया सेल प्रमुख जितेंद्र खुराना का कहना है कि वसीयत करने को लेकर किसी तरह की कोई बात नहीं है।