बागपत। जिले की तीन शुगर मिलों में दो बागपत और रमाला ने नए सत्र का भुगतान शुरू कर दिया है, जबकि मलकपुर मिल ने अभी तक पुराने सत्र के बकाया का भुगतान भी नहीं किया है। मलकपुर मिल में पौने तीन लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक है। बागपत और रमाला मिल की ओर से पुराने चीनी के स्टॉक की बिक्री से नए पेराई सत्र का भुगतान शुरू कर दिया है। बागपत शुगर मिल ने 30 नवंबर और रमाला मिल ने 22 नवंबर तक का भुगतान किसानों के खातों में भिजवा दिया है।
जिले में 1.29 लाख किसान पंजीकृत हैं। जिले में इस बार 84 हजार सात सौ हेक्टेअर में गन्ने की फसल का उत्पादन किया है। बागपत के किसान बागपत की तीनों मिलों के बजाए मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, मेरठ और हापुड़ की मिलों पर गन्ने की सप्लाई करते है। बागपत और रमाला शुगर मिल की ओर से नए सत्र के गन्ना बकाया का भुगतान शुरू कर दिया है।
दोनों चीनी मिल शनिवार तक 32 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है, जबकि मलकपुर मिल की ओर से अभी पुराने बकाए का ही भुगतान कराया जा रहा है। मिल पर किसानों का लगभग 250 करोड़ रुपये से अधिक का पिछले सत्र का बकाया चल रहा है।
मिलों में लगाया जा रहा चीनी का स्टॉक
बागपत में मलकपुर चीनी मिल को छोड़ दे तो अभी तक बागपत व रमाला मिल ने चीनी की बिक्री शुरु नहीं की है। दोनों मिले पुराने स्टॉक को निकालकर किसानों के बकाए का भुगतान कर रही है। मलकपुर मिल नए पेराई सत्र में अब तक 1:5 लाख क्विंटल चीनी की बिक्री कर चुकी है।
जिले में बागपत मिल पहले स्थान पर
किसानों के बकाए का भुगतान करने में बागपत कॉपरेटिव शुगर मिल पहले स्थान पर चल रही है। मिल की ओर से अब तक 30 नवंबर तक के गन्ने का 20 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में भिजवा दिया है। रमाला मिल ने नए सत्र का 12 करोड़ का भुगतान किया है। बागपत मिल के प्रबंधक वीपी पांडेय ने बताया कि मिल की ओर से 30 नवंबर तक का पूरा भुगतान कर दिया है।
मिल चीनी बनी स्टॉक बिक्री
बागपत 1.453 1.475 ----
मलकपुर 4.25 2.75 1.5
रमाला 2.79 2.79 ----
नोट : चीनी की मात्रा लाख क्विंटल में है।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा किसान
- गन्ना बकाया मूल्य का भुगतान न होने से किसानों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। किसान कर्ज लेकर फसलों की बुआई व खाद की व्यवस्था करने के लिए मजबूर हो रहा है। - राजू तोमर सिरसली
- मलकपुर और भैंसाना मिल पर किसानों का करोड़ों का बकाया चल रहा है। गन्ना बकाया मूल्य का भुगतान न होने के कारण किसानों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। - सुभाष नैन प्रगतिशील किसान, सरुरपुर कलां
भुगतान का बनाया जा रहा दबाव
जिला गन्ना विभाग की ओर से किसानों के गन्ना बकाया मूल्य का भुगतान कराने के लिए चीनी मिलों पर दबाव बनाया जा रहा है। इसके बावजूद बागपत की मलकपुर मिल और भैंसाना मिल किसानों का करोड़ों रुपया पिछले सत्र का दबाए बैठी है। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. अनिल कुमार भारती ने बताया कि मिलों को किसानों के बकाए का जल्द भुगतान कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। बकाया का भुगतान न करने वाली मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजू तोमर सिरसली- फोटो : BAGHPAT
सुभाष नैन- फोटो : BAGHPAT