बागपत। नगर पालिका और पंचायतों के अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण जारी कर दिया है। बागपत व खेकड़ा को महिलाओं के लिए आरक्षित किया है, वहीं बड़ौत को सामान्य श्रेणी में पहुंचा दिया। अमीनगर सराय, छपरौली, रटौल, दोघट नगर पंचायत को सामान्य श्रेणी में रखा है, तो टीकरी नगर पंचायत को महिला व अग्रवाल मंडी टटीरी को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया। इस तरह चुनाव की तैयारी करने वाले काफी नेताओं का गणित बिगड़ गया है। अब आरक्षण के बाद नए दावेदार भी सामने आएंगे।
शासन से पिछले सप्ताह नगर पालिका व पंचायतों के वार्डों का आरक्षण जारी किया था। जिसके बाद हर किसी की नजर अध्यक्ष के पद के आरक्षण पर टिकी हुई थी। आरक्षण जारी करने के लिए दो दिन पहले का कार्यक्रम तय किया, लेकिन उसे अचानक टाल दिया था। जिसके बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि उपचुनाव होते ही आरक्षण जारी होगा।
आरक्षण को लेकर अचानक सोमवार शाम का समय तय किया और उसके साथ ही इंतजार भी खत्म हो गया। आरक्षण जारी होने पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कई दावेदारों को बड़ा झटका लगा है, तो कुछ जगह टिकट के दावेदारों की उम्मीद के अनुसार आरक्षण आने पर चेहरे पर खुशी दिख रही है।
नेताओं को सबसे पहले टिकट के लिए जूझना पड़ेगा
जिस तरह से आरक्षण जारी किया है, उसमें सबसे पालिका व पंचायतों को सामान्य में रखा है। ऐसे में चुनाव लड़ने के लिए दावेदार काफी बढ़ जाएंगे और नेताओं को पार्टियों से टिकट के लिए जूझना पड़ सकता है। नेताओं के लिए चुनाव से पहले की बड़ी समस्या यही खड़ी हो गई है।
बागपत दूसरी बार सामान्य महिला में आई, दावेदार कम रहेंगे
बागपत नगर पालिका का गठन वर्ष 1982 में हुआ था, लेकिन यहां चुनाव पहली बार 1988 में हुआ था। बागपत सीट केवल वर्ष 2000 में सामान्य महिला के लिए आरक्षित की गई, जबकि अन्य बार अनारक्षित रही। बागपत महिलाओं के लिए आरक्षित होने से दावेदार कम हो जाएंगे। क्योंकि भाजपा व रालोद-सपा से अधिकतर नेता खुद दावेदारी ठोंक रहे थे जो अपनी पत्नी को चुनावी मैदान में उतारने से पीछे हटते दिख रहे है।
वर्ष आरक्षण
2022 सामान्य महिला
2017 अनारक्षित
2012 अनारक्षित
2006 अनारक्षित
2000 सामान्य महिला
1995 अनारक्षित
1988 अनारक्षित
बड़ौत सामान्य में आने से दावेदार बढ़ेंगे, टक्कर कड़ी रहेगी
बड़ौत नगर पालिका सीट पिछली बार पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित थी, जिसको इसबार बदलकर सामान्य श्रेणी में कर दिया गया है। जिससे भाजपा व रालोद-सपा से टिकट के दावेदार बढ़ेंगे और यहां चुनाव में कांटे की टक्कर दिखाई देगी। क्योंकि सामान्य वर्ग से निर्दलीय भी मैदान में उतर सकते है और ऐसा होने पर पार्टियों को काफी जूझना पड़ सकता है। इस सीट पर आरक्षण ने दावेदारों का सबसे ज्यादा गणित बिगाड़ा है।
वर्ष आरक्षण
2022 अनारक्षित
2017 पिछड़ा वर्ग
2012 पिछड़ा वर्ग
2006 पिछड़ा वर्ग महिला
2000 अनारक्षित
1995 अनारक्षित
1988 अनारक्षित
खेकड़ा सामान्य महिला में आने से सीधी हो सकती है टक्कर
खेकड़ा में पिछले कई बार से दो पक्षों में सीधी चुनावी टक्कर होती है। वर्ष 2017 में सीट अनारक्षित होने के बाद भी वहां से महिला प्रत्याशी ही मैदान में उतरी थी। अब महिलाओं के सीट आरक्षित होने पर दावेदार कम हो जाएंगे और वहां सीधी टक्कर भी हो सकती है।
वर्ष आरक्षण
2022 सामान्य महिला
2017 अनारक्षित
2012 पिछड़ा वर्ग
2011 अनारक्षित (उपचुनाव)
2006 अनारक्षित
2000 अनारक्षित
1995 अनारक्षित
1988 अनारक्षित
अमीनगर सराय सामान्य होने से बिगड़ा गणित
अमीनगर सराय नगर पंचायत को सामान्य श्रेणी में रखने से वहां चुनाव लड़ने की तैयारी करने वालों का गणित बिगड़ गया है। यहां भी काफी दावेदार मैदान में आ सकते है।
वर्ष आरक्षण
2022 अनारक्षित
2017 अनारक्षित
2012 अनारक्षित
2006 सामान्य महिला
2000 अनारक्षित
1995 सामान्य महिला
छपरौली को पिछड़े वर्ग से अनारक्षित किया
छपरौली नगर पंचायत का आरक्षण इस बार बदल दिया गया है। जहां पिछली बार यह सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित थी, वहीं इस बार इसे अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है।
वर्ष आरक्षण
2022 अनारक्षित
2017 पिछड़ा वर्ग
2012 अनारक्षित
2006 पिछड़ा वर्ग
2000 अनारक्षित
1995 सामान्य महिला
दोघट को पिछड़ा वर्ग महिला से अनारक्षित किया गया
दोघट नगर पंचायत का आरक्षण भी बदला गया है। जहां यह पिछली बार पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित थी, वहीं इस बार अनारक्षित रखकर सभी को चुनाव लड़ने का मौका दिया गया है।
वर्ष आरक्षण
2022 अनारक्षित
2017 पिछड़ा वर्ग महिला
2012 अनारक्षित
2006 अनारक्षित
2000 अनारक्षित
1995 अनारक्षित
1988 अनारक्षित
टीकरी को सामान्य महिला के लिए आरक्षित किया
टीकरी नगर पंचायत को पिछली बार अनारक्षित रखा गया था। लेकिन इस बार इसे सामान्य महिला के लिए आरक्षित कर दिया है और यहां से किसी भी वर्ग की महिला चुनाव लड़ सकती है।
वर्ष आरक्षण
2022 सामान्य महिला
2017 अनारक्षित
2012 पिछड़ा वर्ग महिला
2006 पिछड़ा वर्ग
2000 अनारक्षित
1995 सामान्य महिला
अग्रवाल मंडी टटीरी को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया
अग्रवाल मंडी टटीरी का आरक्षण भी बदला गया है और उसे अनारक्षित की जगह पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया है।
वर्ष आरक्षण
2022 पिछड़ा वर्ग
2017 अनारक्षित
2012 पिछड़ा वर्ग
2006 अनारक्षित
2000 अनारक्षित
1995 सामान्य महिला
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रटौल में पहली बार कोई भी लड़ सकता है चुनाव
रटौल को गांव से नगर पंचायत बनाया गया है और वहां पहली बार चुनाव होगा। रटौल नगर पंचायत को पहली बार अनारक्षित रखा गया है और वहां से कोई भी चुनाव लड़ सकता है। इसलिए वहां काफी दावेदार मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे है, जिससे रटौल में चुनाव काफी कांटे का होने की उम्मीद है। क्योंकि वहां से कई पूर्व प्रधान, पूर्व जिला पंचायत सदस्य दावेदारी ठोंक रहे हैं।
बड़ौत नगर पालिका- फोटो : BAGHPAT