बागपत। निकाय चुनाव में सबसे ज्यादा घमासान बागपत और बड़ौत में होगा। क्योंकि बागपत जिला मुख्यालय की पालिका है तो बड़ौत सबसे बड़ी पालिका है। इसलिए भाजपा और रालोद दोनों ही इन जगहों की कुर्सी पर काबिज होने के लिए पूरा जोर लगाएगी। हालांकि वर्ष 2017 के चुनाव में अधिकतर जगह निर्दलीय ही चुनाव जीते थे और बड़ौत में भाजपा को कामयाबी मिली थी।
बागपत नगर पालिका से निर्दलीय चुनाव लड़े पूर्व चेयरमैन राजुद्दीन (7969) ने भाजपा प्रत्याशी रणवीर सिंह (5534) को हराया था। खेकड़ा नगर पालिका में निर्दलीय प्रत्याशी रही संगीता धामा (11485) ने पूर्व चेयरमैन नीलम धामा (10682) को हराया था। नगर पंचायत अग्रवाल मंडी टटीरी में निर्दलीय उम्मीदवार रहे विनोद कुमार (2105) ने राकेश (1691) को हराया था। अमीनगर सराय में निर्दलीय प्रत्याशी रहे पूर्व चेयरमैन मांगेराम यादव (3555) ने भाजपा प्रत्याशी अनिल कुमार मलिक (2683) को हराया था। बड़ौत नगर पालिका में भाजपा प्रत्याशी रहे अमित राणा (17943) ने रालोद प्रत्याशी अश्वनी कुमार (13782) को हराया था। दोघट नगर पंचायत में निर्दलीय बबीता (2980) ने संगीता (2195) को हराया था। टीकरी नगर पंचायत में निर्दलीय प्रत्याशी रहे सोमपाल (2266) ने राजबाला (1679) को हराया था। छपरौली नगर पंचायत में निर्दलीय प्रत्याशी संजय खोखर (2657) ने योगेन्द्र सिंह (2649) को हराया था। इस बार बड़ौत नगर पालिका का सीमा विस्तार होने पर चुनावी जंग किसी के लिए आसान नहीं है। बागपत में सीमा विस्तार निरस्त होना भाजपा के लिए सबसे बड़ा झटका रहा है। अब पार्टियों के प्रत्याशी के आधार पर भी चुनावी समीकरण बदलेंगे और इसलिए ही सभी को प्रत्याशियों की घोषणा का इंतजार है।