उत्तर प्रदेश के बड़ौत में पिछले चार माह से मानदेय न मिलने के विरोध में शनिवार को सफाई कर्मचारियों ने पहले नगर पालिका परिषद में पहुंचकर हंगामा किया। यहां पर अधिकारियों द्वारा आश्वासन न मिलने पर काफी संख्या में कर्मचारी जेबीसी मशीन व कूड़े के ढेर से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर बड़ौत-कोताना मार्ग पहुंचे और गंदगी डालकर प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। इस दौरान सफाईकर्मियों की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई।
जानकारी के अनुसार चार माह से मानदेय नहीं मिलने से नाराज सफाई कर्मियों का शनिवार को गुस्सा फूट पड़ा। सफाई कर्मचारियों ने सड़क मार्ग पर कूड़ा डालकर प्रदर्शन किया। सफाई कर्मचारियों के हंगामे की सूचना पर पहुंचे सफाई इंस्पेक्टर व कर्मचारियों के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। मामला बढ़ता देख मौके पर पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन कर्मचारी नहीं माने। बाद में ईओ व निवर्तमान चेयरमैन मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझा-बुझाकर शांत किया और 24 घंटे के अंदर मानदेय देने की बात कही।
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सफाई कर्मियों का कहना था कि होली के त्यौहार पर भी उन्हें वेतन नहीं मिला है तो वह काम पर क्यों जाएं। पिछले चार माह से मानदेय के नाम पर उन्हें एक फूटी कौड़ी तक नहीं दी गई, जिस कारण परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। यहां तक की स्कूलों में बच्चों की फीस भी जमा नहीं हो पा रही, जबकि नगर पालिका के अधिकारी कागजों में फर्जी सफाई कर्मचारी दिखाकर उनका मानदेय डकार रहे हैं। जांच में असल में काम करने वाले सफाई कर्मियों का भी मानदेय रोक दिया गया है। बाद में ईओ अनुज कुमार कौशिक व निर्वतमान अध्यक्ष अमित राणा के समझाने बुझाने व शीघ्र वेतन भुगतान के आश्वासन पर सफाई कर्मी काम पर लौट गए।