बागपत। घिटौरा गांव में निर्माणाधीन पेयजल टंकी में ठेकेदार ने खराब कोर्ससैण्ड (मोटा रेत) लगा दिया, जो जांच में मानकों के अनुरूप नहीं मिला। इस मामले में जल निगम के अधिकारियों ने कंपनी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा और पेयजल टंकी का निर्माण रुकवाकर खराब कोर्ससैण्ड को बदलवाया।
घिटौरा गांव में निर्माणाधीन पेयजल टंकी का जल निगम के जूनियर इंजीनियर अनुज कुमार ने फर्म के इंजीनियर नीरज कुमार के साथ निरीक्षण किया। जहां उन्होंने बताया कि पेयजल टंकी का निर्माण होने के बाद दस साल के संचालन व अनुरक्षण की जिम्मेदारी भी कंपनी की ही है। निरीक्षण में ठेकेदार द्वारा जलाशय की फाउंडेशन का निर्माण होने के बाद बिना तकनीकी कर्मी के ही कॉलम कास्टिंग कार्य होता मिला, साथ ही कोर्ससैण्ड भी मानक के अनुसार नहीं मिला। जिसका सैंपल लेकर लैब में जांच कराई गई तो उसमें सिल्ट की मात्रा अधिक मिली। सहायक अभियंता माधव मुकुंद ने बताया कि खराब कोर्ससैण्ड लगाने के मामले में कंपनी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया, साथ ही पेयजल टंकी का निर्माण कार्य रुकवाकर खराब कोर्ससैण्ड हटवाया गया और अच्छी गुणवत्ता का लगवा दिया गया है। खराब कोर्ससैण्ड लगाया जाने से पेयजल टंकी में पानी की गुणवत्ता प्रभावित होती है। जल निगम की टीम निर्माणाधीन पेयजल टंकियों का निरीक्षण जारी रखेगी।