बागपत। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने कहा कि सोशल साइटों पर फालोअर और दोस्त बढ़ाने के चक्कर लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। इसलिए केवल अपने जानकारों के साथ ही सोशल साइट पर जुड़े। साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूक होना जरूरी है, क्योंकि इस समय सबसे ज्यादा साइबर क्राइम होता है।
यह बात एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने मंगलवार को गेटवे इंटरनेशनल स्कूल बागपत में अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में कही। उन्होंने कहा कि कई बार ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर लोग इसलिए किसी को नहीं बताते कि उनका मजाक बनेगा। लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए और अगर कोई किसी तरह से ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है तो उसे तुरंत शिकायत करनी चाहिए। एसपी ने कहा कि जनता में पुलिस की छवि नकारात्मक बनी हुई है, लेकिन सभी पुलिस कर्मी एक जैसे नहीं होते है। अगर कोई किसी के साथ गलत भाषा का इस्तेमाल या अभद्र व्यवहार करता है तो सीधे उन्हें बता सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता के गुर बताए।
- बच्चों व चेयरमैन ने किया स्वागत
गेटवे इंटरनेशनल स्कूल बागपत में पुलिस की पाठशाला में पहुंचे एसपी अर्पित विजयवर्गीय का बच्चों ने गुलाब देकर स्वागत किया। वहीं समापन पर चेयरमैन कृष्णपाल, प्रधानाचार्य अमित चौहान ने स्मृति चिह्न भेंट किया। पीसीएस बनीं मवीकलां की ज्योति के पिता ब्रजपाल का सम्मान भी किया गया।
- बच्चे ने पूछा, क्या खेलने से पुलिस पकड़ लेती है?
स्कूल के एक बच्चे युवान ने एसपी से पूछा कि सर क्या खेलने से पुलिस पकड़ लेती है। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने कहा कि खेलने पर पुलिस नहीं पकड़ती। बच्चे ने कहा कि फिर सब ये क्यों कहते है कि खेलोगे तो पुलिस पकड़कर ले जाएगी। एसपी ने उससे कहा कि गलत काम करने पर पुलिस पकड़ती है।
- छात्र-छात्राओं ने पूछे सवाल, एसपी ने दिए जवाब
सवाल : सामाजिक सौहार्द बनाने में विद्यार्थी कैसे पुलिस व प्रशासन का सहयोग कर सकते है? परी जैन
जवाब : पुलिस हर तरीके से सामाजिक सौहार्द स्थापित करती है। यदि आपको कभी कुछ अनुचित लगता है तो उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
सवाल : ऐसी परिस्थिति में आप क्या करते है, जब आप अपने वरिष्ठ या सहकर्मियों से असहमत होते हैं? सपना चौहान
जवाब: अगर मुझे वरिष्ठों की बात सही नहीं लगती तो वह सदैव अपनी बात को रखते हैं और वह इस बात को समझते भी हैं। ऐसे में कार्य को सराहा भी जाता है।
सवाल : स्कूलों के लिए सुरक्षा योजना बनाने के लिए आप क्या कदम उठाते हैं? - ज्योति शर्मा
जवाब : हम समय-समय पर स्कूल के बच्चों को बताते हैं कि आपत्तिकाल में उन्हें 112, 1030, 1090, आदि नंबर पर शिकायत करनी चाहिए। समय पर स्कूल की बसें और उनकी फिटनेस को भी चेक किया जाता है ।
सवाल : आजकल कुछ क्राइम वेब सीरीज ऐसी है जो अपराधियों को अपराध करने के नए-नए तरीके बताती हैं। क्या इन पर प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए? - अलास्का
जवाब : बिल्कुल प्रतिबंध होना चाहिए। कई बार जब अपराधी पकड़े गए तो उन्होंने इस तरह की वेब सीरीज से अपराध सीखकर ही घटनाओं को अंजाम दिया गया।
सवाल : आप लोगों का कार्य बहुत ही तनाव भरा हुआ होता है। पूरे दिन के तनाव के बाद आप खुद को रिलैक्स कैसे करते हैं? - आर्मिश
जवाब : मैं तनाव को कम करने के लिए खेलता हूं और व्यायाम करता हूं। इससे शरीर भी बेहतर रहता है।
सवाल : आप अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि किसे मानते हैं? - वंश चौहान
जवाब : जब हम किसी बड़े अपराध को कम समय में सुलझा लेते हैं तो अच्छा महसूस करते हैं। मैने एक डेढ़ करोड़ की लूट का खुलासा किया था जो उपलब्धि है।
सवाल : कुछ राजनीतिक दल किसी विशेष धर्म या समुदाय के प्रति पक्षपात करते हैं। इस पर आप क्या कहेंगे? - अवनी त्यागी
जवाब : लोकतंत्र में हमें खुद चुनाव करने का अधिकार है। इसलिए हम सही व्यक्ति का चुनाव करते हैं तो हमें इन समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सवाल : लोगों को स्वाभाविक रूप से जीने के लिए और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए आप क्या सुझाव देंगे। - रिया
जवाब: लोग अफवाहों पर यकीन ना करें। समाज में सद्भाव बनाए रखें और किसी भी तरीके भड़काऊ संदेशों का आदान-प्रदान न करें।
सवाल : आपकी नौकरी का सबसे कठिन पहलू क्या है और आप इसे कैसे निभाते हैं? - कनिष्का शर्मा।
जवाब : हमारी नौकरी काफी चैलेंज वाली होती है, क्योंकि लोगों को हमसे उम्मीदें ज्यादा होती है। हम कभी-कभी व्यस्त होने की वजह से लोगों की उम्मीदों को पूरा नहीं कर पाते और इस कारण जनता व हमारे बीच में थोड़ा अंतर आ जाता है।
सवाल : कभी-कभी ऐसा देखा गया है कि पुलिसकर्मी गाली-गलौज के साथ आम जनता से बात करते हैं। ऐसे में आप क्या करेंगे? - दिव्यांशी यादव।
जवाब : यदि कोई गलत भाषा का प्रयोग करता हैं तो मैं उसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करता हूं। उसकी शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है।
सवाल : क्या आपने जिंदगी में अपनी गलती से कुछ सीखा है। ऐसा है तो वह कौन सी गलती थी? - यश चौहान।
जवाब : गलतियों से हम रोज सीखते हैं। स्कूल में मैंने किसी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन उसका अहसास मुझे कॉलेज में हुआ। अपनी गलती को सुधारते हुए खेलों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।
सवाल : एक पुलिस अधिकारी के रूप में आपको कौनसी बात बहुत अच्छी और कौनसी बात चुनौती पूर्ण लगती है? -लक्षिका
जवाब : हमें देश की सेवा करने का मौका मिला है, यह अच्छी बात है। हम अपने परिवार को समय नहीं दे पाते और कभी-कभी तो हम 48 घंटे तक लगातार काम करने के कारण मिलते भी नहीं है जो चुनौती पूर्ण है।
सवाल: आपको एक पुलिस अधिकारी बनने के लिए किसने प्रेरित किया? - आकांक्षा
जवाब : मेरे वरिष्ठों ने मुझे प्रेरित किया। उनसे मुझे पता चला कि सिविल सर्विसेज से हम केवल परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी मातृभूमि के लिए भी कुछ करने का मौका मिलता है।