बावली गांव में गैंगस्टर की संपत्ति कुर्क करते एसडीएम व पुलिसकर्मी
- फोटो : BARAUT
बड़ौत। बावली गांव में रविवार को कोतवाली पुलिस ने एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में गैंगस्टर की लाखों की संपत्ति कुर्क की। इस दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने इस दौरान घर के सामने मुनादी करते हुए उन्हें सील किया।
बावली गांव की पट्टी गोपी का रहने वाला अमित पुत्र रणदेव पर 12 से अधिक मुकदमे बड़ौत व आसपास के जनपदों में दर्ज हैं। रविवार को एसडीएम सुभाष सिंह व सीओ युवराज सिंह की मौजूदगी में कोतवाल देवेश ने गैंगस्टर के तहत उसकी संपत्ति कुर्क की गई। उसकी आवासीय संपत्ति 154 वर्ग मीटर, जिसकी कीमत 17 लाख 54 हजार को सील किया। पुलिस ने उसके घर के सामने मुनादी कराकर घर के सामने बोर्ड लगाया। बताया कि अमित हाल में मुजफ्फरनगर जेल में बंद है। सीओ युवराज सिंह ने बताया कि कुर्की की कार्रवाई के बाद पुलिस ने गांव में ऐलान कर इसकी जानकारी दी। कुर्की के दौरान बड़ौत, छपरौली, दोघट, रमाला व पीएसी सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
उधर परिजनों ने कोतवाली पुलिस द्वारा की गई कुर्की को बिल्कुल गलत बताया। बताया कि थाना बड़ौत पुलिस ने अमित को गत 14 जनवरी 2021 से 19 जनवरी 2021 तक अवैध रूप से हिरासत में बंद रखा और 19 जनवरी 2021 की एक फर्जी घटना बनाकर थाने में खड़े ट्रैक्टरों की हमारे घर पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद झूठी बरामदगी दिखाकर झूठे केस में जेल में भेज दिया था। उसी केस में एक गैंगस्टर भी लगाई थी। बताया कि उसी गैंगस्टर पर झूठे मुकदमे की कार्रवाई करते हुए अमित के चाचा रणपाल का मकान जबरदस्ती सील कर दिया, जबकि अमित के नाम पर गांव में कोई भी संपत्ति नहीं है। अमित के भाई कपिल फौजी ने बताया कि रणपाल पुत्र गजे ने 40 साल गाड़ी चला कर मकान बनाया था। कपिल ने डीएम, एसपी, आईजी सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री को फैक्स कर झूठी कार्रवाई के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।