बागपत। नगर पालिका व पंचायतों में अध्यक्ष पद के लिए राजनीतिक पार्टियों से टिकट लेने को कहीं मारामारी मची है तो कई जगह पार्टियों से दावेदार बच रहे हैं। क्योंकि किसी एक पार्टी का सिंबल लेने से वह किसी वर्ग व जाति के वोटरों तक सीमित रह सकते हैं। इसलिए ही कई नगर पंचायतों में पार्टियों को ढूंढने पर भी प्रत्याशी नहीं मिल रहे हैं।
यहां बड़ौत नगर पालिका से भाजपा और रालोद दोनों पार्टियों से सबसे ज्यादा दावेदार हैं। भाजपा से नौ दावेदारों के नाम भेजे गए हैं तो रालोद से 15 दावेदार सामने हैं। यहां टिकट के लिए खींचतान चल रही है और नेता खूब दिल्ली व लखनऊ तक की दौड़ लगा रहे हैं। इस तरह ही बागपत में भाजपा के चार दावेदार हैं तो रालोद पहले ही अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। इस तरह ही अमीनगर सराय, रटौल में भाजपा के टिकट के लिए खींचतान चल रही है तो खेकड़ा से सभी पार्टियों के प्रत्याशियों के नाम लगभग तय हो चुके हैं। अग्रवाल मंडी टटीरी भी भाजपा से टिकट के लिए कई दावेदार हैं, लेकिन यहां रालोद से कोई टिकट के लिए तैयार नहीं है।
-दोघट, टीकरी, छपरौली में ढूंढे नहीं मिल रहे प्रत्याशी
पार्टियों के लिए सबसे बड़ी समस्या दोघट, टीकरी, छपरौली बने हुए हैं, क्योंकि वहां उनको ढूंढने के बाद भी प्रत्याशी नहीं मिल रहे हैं। इसका बड़ा कारण यह माना जा रहा है कि इन तीनों जगह वोटर कम हैं और उनमें सभी वर्ग व बिरादरी के वोटर हैं। अगर वहां प्रत्याशी किसी एक पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ता है तो उसे वर्ग व जाति विशेष के वोट ही मिल सकेंगे। ऐसे में कोई भी प्रत्याशी किसी पार्टी का सिंबल लेकर रिस्क नहीं लेना चाहता है।