छपरौली। बाछौड़ मामले में आरोपी दरोगा नरेशपाल की अग्रिम जमानत अर्जी याचिका खारिज हो गई है। वहां पुलिस के दबिश देने के दौरान महिला व दो बेटियों के जहरीला पदार्थ खाने से मौत के बाद दरोगा समेत अन्य पर मुकदमा हुआ था।
बाछौड़ गांव में प्रिंस अपने पड़ोस में रहने वाली युवती के साथ तीन मई को फरार हो गया था। जिसमें युवती के परिजनों ने युवक के खिलाफ छपरौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में दरोगा नरेशपाल कई बार दबिश देने युवक के घर गया और उसकी मां व बहनों के साथ अभद्रता की गई। इस कारण ही 24 मई को महिला गीता व बेटियों स्वाति व प्रीति ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली थी।
इसको लेकर काफी हंगामा भी हुआ था और दरोगा समेत युवती के पांच परिजनों पर मुकदमा हुआ था। जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील पंवार ने बताया कि दरोगा नरेशपाल ने अग्रिम जमानत अर्जी के लिए याचिका लगाई। जिसको जिला सत्र एवं न्यायाधीश सुधीर कुमार की न्यायालय से खारिज कर दिया।