बड़ौत विद्युत प्रयोगशाला पर हेलमेट पहन कर काम करते विद्युत कर्मचारी
बड़ौत। जोखिम में जान... हेलमेट पहनकर कर रहे काम खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम ने मामले को गंभीरता से लिया। जर्जर भवन की अनदेखी पर उन्होंने विद्युत निगम के एसई के अलावा विद्युत परीक्षण शाला के अधिकारियों से जवाब मांगा है। एमडी मेरठ से वार्ता कर भवन निर्माण संबंधित कार्यों को शुरू कराने के लिए पत्र लिखा।
उल्लेखनीय है कि जनपद की चारों विद्युत परीक्षण शालाएं काफी जर्जर हो चुकी हैं, जिस कारण हादसे के डर से कई अवर अभियंता, टीजी-2 व अन्य कर्मचारी यहां से स्थानांतरण करा चुके हैं और कई नौकरी छोड़ चुके हैं। कई बार लिखित व मौखिक शिकायत करने के उपरांत भी कोई समाधान नहीं निकला।
अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो प्रशासनिक अफसरों समेत विद्युत निगम के अफसरों में अफरातफरी मच गई। डीएम राजकमल यादव ने ऊर्जा निगम के अफसरों को लताड़ लगाई, वहीं अनदेखी पर एसई बागपत रणविजय सिंह, विद्युत परीक्षण शाला के अधिशासी अभियंता नितिन जायसवाल को हिदायत दी।
साथ ही डीएम ने एमडी मेरठ को पत्र लिखकर भवन निर्माण संबंधित कार्यों को जल्द शुरू कराने की बात कहीं है। उधर अभी भी विद्युत परीक्षण शाला में कार्यरत कर्मचारी हेलमेट पहनकर ही विभागीय कार्यों को करने में जुटे हैं।
कोट...
- जर्जर भवन को लेकर पहले कई बार पत्र लिखे जा चुके है, फिर से रिमांडर भेजा जा रहा है। इस मामले में डीएम ने भी खुद एमडी मेरठ से वार्ता कर पत्र लिखा है। जल्द ही भवन निर्माण कार्य शुरू होने का प्रयास किया जा रहा है। - रणविजय सिंह, एसई