बागपत। जिले में लंपी रोग के कहर को देखते हुए दूसरे प्रदेशों व जनपदों से पशुओं के आने पर पाबंदी लगाई गई है। लेकिन शनिवार को जिले के किसी भी बॉर्डर पर पशुपालन विभाग की टीम नजर नहीं आई। जिन गांवों में लंपी रोग फैल रहा है, वहां भी चिकित्सक नहीं पहुंच रहे हैं।
जिले के 46 गांवों में 175 पशुओं में लंपी रोग फैल चुका है और आठ गोवंश की मौत हो चुकी है। शनिवार को रंछाड़ गांव में कृष्णपाल की गाय, बिनौली में मांगे की गाय व धनौरा टीकरी में संजीव वेदवान की गाय की मौत हो गई। इसके बावजूद लंपी रोग से ग्रस्त गोवंशों का उपचार करने में भी लापरवाही बरती जा रही है। पशु चिकित्सक लंपी से ग्रस्त पशुओं का उपचार करने नहीं पहुंच रहे। धनौरा गांव में पशु चिकित्सकों के नहीं आने से परेशान पशुपालकों संजीव वेदवान, विपिन सहरावत, विरेंद्र, सहदेव प्रधान समेत अन्य ने रोष जताया। कहा इसकी शिकायत सोमवार को डीएम से करेंगे।
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समय: 12:30 बजे दोपहर
स्थान: निवाड़ा चैकपोस्ट
हरियाणा से वाहन बागपत में प्रवेश कर रहे हैं। शनिवार को हरियाणा से आने वाले ट्रक, कैंटर व अन्य वाहनों का आवागमन होता रहा। निवाड़ा चेकपोस्ट पर न तो पशुपालन विभाग की टीम अलर्ट मिली और न ही पुलिस टीम ने हरियाणा से आने वाले वाहनों की चेकिंग की गई।
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समय: 2:30 बजे
स्थान: ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे
हरियाणा से आने वाले वाहन ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे के रास्ते से जिले में प्रवेश करते हैं। शनिवार को ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे के नीचे तैनात पुलिस कर्मी वाहनों पर नजर रखने के बजाय मोबाइल में व्यस्त रहे और हरियाणा व दूसरे जनपदों से आने वाले वाहन बेरोकटोक आवागमन करते रहे।
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- गोवंश लंपी से ग्रस्त, पशु चिकित्सक का फोन बंद
डौलचा गांव में लंपी से ग्रस्त गोवंशों की संख्या बढ़ती जा रही है। पशु चिकित्सक को फोन कर सूचना देनी चाही, लेकिन पशु चिकित्सक का फोन बंद होने से पशुपालकों को परेशानी उठानी पड़ी। - गजेंद्र यादव, पशुपालक, डौलचा
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इलाज में जेब हो रही ढीली
लंपी रोग से चौगामा क्षेत्र के गांवों में गोवंशों में लंपी रोग होने की सूचना पशुपालन विभाग को दी, लेकिन पशु चिकित्सक नहीं आए। गांव में ही प्राइवेट चिकित्सकों से लंपी रोग से ग्रस्त पशुओं का इलाज कराना पड़ रहा है। जिससे पशुपालकों की जेब ढीली हो रही है। -सतेंद्र, पशुपालक धनौरा
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- भैंस व भैंसे में मिले लंपी रोग के लक्षण
गैडबरा गांव में गोवंशों में लंपी रोग फैलने के बाद अब भैंस में भी रोग फैलने लगा है। जिसमें गैडबरा गांव निवासी पशुपालक मंजू की भैंस, धनौरा गांव निवासी सतेंद्र की एक भैंस व भैंसा भी लंपी रोग से ग्रस्त हो गए हैं।
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वर्जन
- पशुपालन विभाग की टीमें सर्विलांस व स्वास्थ्य केंद्रों पर लगी हुई हैं। सर्विलांस टीमें गांवों में जाकर पशुओं का उपचार कर रही है। बॉर्डर पर पशुओं के आवागमन पर रोकथाम की जिम्मेदारी पुलिस की है। डॉ. रमेश चंद्रा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
जिले को मिली 50 हजार वैक्सीन, आज से शुरू होगा टीकाकरण
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश चंद्रा ने बताया कि लंपी रोग से बचाव के लिए जनपद को 50 हजार वैक्सीन आवंटित की गई है। रविवार से गोवंशों का टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लंपी रोग से बीमार गोवंशों के स्वस्थ होने के बाद टीके लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बीमार पशुओं के आसपास चूने का स्प्रे करें। लंपी से ग्रस्त पशु का दूध बछड़े व बछिया को न पिलायें। नीम, तुलसी के पत्ते, लहसुन, लोंग, काली मिर्च, हल्दी पाउडर, प्यास पीसकर 14 दिन तक खिलाएं। लंपी से ग्रस्त गोवंश की सूचना कंट्रोल रूम पर 9412367376 पर दें।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.रमेश चंद्रा- फोटो : BAGHPAT
बागपत विकास भवन स्थित पशु पालन विभाग के कार्यलय में अनुपस्थित कर्मचारी व कुछ कर्मचारी मौजूद रहे- फोटो : BAGHPAT
गैडबरा गांव में भैंस में बीमारी की जानकारी देती महिला मंजू- फोटो : BAGHPAT
धनौरा गांव में पशुओं में फैली बीमारी को लेकर बैठक करते ग्रामीण- फोटो : BAGHPAT
डौलचा गांव में बैल में बीमारी की जानकारी देता गजेंद्र यादव- फोटो : BAGHPAT