इसके साथ ही कुछ मजदूरों ने ऑनलाइन पोर्टल पर ईंट भट्ठे पर बंधक बनाकर रखने की शिकायत कर दी थी। जिस पर श्रम विभाग के अधिकारियों की टीम 13 अप्रैल को उनके भट्ठे पर पहुंची। जहां अधिकारियों को कोई भी मजदूर बंधक नहीं मिला।
आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उससे जांच के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की और 15 हजार रुपये तभी लेने के बाद अन्य रकम दो दिन में देने का अल्टीमेटम दिया गया। इसके बाद दोबारा टीम वहां पहुंची तो उनसे अभद्रता की गई।
आरोप है कि वह वीडियो बनाने लगे तो सहायक श्रमायुक्त विनीता सिंह वीडियो बनाने पर भड़क गई और उनका मोबाइल छीनकर पटककर तोड़ दिया। इस मामले की पूरी वीडियो वायरल हो गई और इसकी शिकायत लखनऊ तक पहुंची। इस मामले में जांच शुरू कराने की बात कही जा रही है।