संवाद न्यूज एजेंसी
अग्रवाल मंडी टटीरी। ईमान वाले और नेकी करने वालों पर अल्लाह की रहमतें बरसती हैं। नेकी का बदला दुनिया और आखिरत दोनों में दिया जाता है। जो नेकियां उसने अल्लाह के लिए की थी उसका बदला उसको दुनिया में ही दिया जाता है। यहां तक कि जब वह आखिरत में पहुंचता है तो उसके पास ऐसी कोई नेकी बाकी नहीं रहती जिसका बदला दिया जाए। हाफिज अय्यूब ने कहा कि खुदा से डरो और केवल इमानदारों के ही साथ रहो। यह काम तभी हो सकता है जब अल्लाह के बताए रास्ते पर चले और अल्लाह के नाम की तस्वीह पढ़े। उन्होंने कहा कि रमजान एक बरकत वाला महीना है। रोजों को अल्लाह ने फर्ज बताया है। शब-ए-कद्र को ही अल्लाह ने कुराने पाक नाजिल की थी। कुछ की राय में रसूल पर कुरान मुकम्मल हुआ था। कुरान को एक साथ नहीं उतार कर धीरे-धीरे उतारा गया ताकि लोग समझ सकें कि इसमें जो कहा गया है, वही अल्लाह का पैगाम है और उसमें अलग कुछ नहीं है। इसलिए इस रात को खास तौर पर इबादत वाली रात करार दिया गया है। यह रातें 21 ,24 , 27 और 29 वीं चांद की रातें हैं। उन्होंने सभी से रमजान माह के चल रहे आखिरी अशरे में सभी रोजे रखने, तरावीह पढ़ने, खैरात करने, जकात और फितरा देने का आह्वान किया है।