बागपत। कुख्यात सुनील राठी की मां राजबाला, भाई अरविंद और ममेरा भाई परविंद्र पिछले दो साल से दिल्ली में किराये का कमरा लेकर छिपे थे। यह खुद परविंद्र ने पुलिस की पूछताछ में बताया है। वहीं अब इन तीनों की गिरफ्तारी को नगर पंचायत चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। राजबाला को चुनाव लड़ाने की तैयारी की जा रही है।
हिस्ट्रीशीटर परमवीर तुगाना समेत पांच लोगों को कुर्डी में 22 जून 2020 को गोली मार दी गई थी। गोली लगने से घायल परमवीर की कई दिन बाद अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसमें सुनील राठी की मां राजबाला, भाई अरविंद, ममेरे भाई परविंद्र के नाम भी आए थे। इन पर गैंगस्टर भी लगाई गई थी और उसके बाद से यह सभी फरार चल रहे थे। राजबाला, भाई अरविंद और ममेरे भाई परविंद्र को बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। इनमें राजबाला व परविंद्र को बागपत पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आई थी।
एसपी नीरज कुमार जादौन के अनुसार परविंद्र ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले दो साल से दिल्ली में किराये पर कमरा लेकर रह रहे थे। वह तीनों एक ही जगह पर रहते थे। दिल्ली पुलिस उनके पास तक कैसे पहुंची, इस बारे में परविंद्र ने कुछ नहीं बताया। वहीं इनकी गिरफ्तारी को नगर पंचायत चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि राजबाला पहले भी टीकरी नगर पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी है और वह इस बार भी चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है।