बागपत, बिनौली। बरनावा के ऐतिहासिक लाक्षागृह पर न्यायालय का फैसला आने के बाद सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वाले तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
महाभारत कालीन ऐतिहासिक टीले लाक्षागृह को शेख बदरुद्दीन की दरगाह व कब्रिस्तान बताने वाली मुस्लिम पक्ष की याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दी। जमीन पर हिंदू पक्ष को मालिकाना हक दिया। इस मामले में बरनावा गांव के रहने वाले आसिफ, शाकिब, अबरार ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणी कर दी। जिसका पता चलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में थाना प्रभारी एमपी सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
- सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की
बिनौली। थाना परिसर में बृहस्पतिवार को शांति समिति की बैठक हुई। जहां दोनों संप्रदायों के धर्म गुरुओं ने लाक्षागृह प्रकरण में न्यायालय का फैसला आने के बाद शांति बनाए रखने की अपील की। इस मौके पर सीओ विजय चौधरी ने कहा कि बरनावा क्षेत्र सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने दोनों संप्रदाय के लोगों से शांति बनाने में सहयोग करने की अपील की। इस मौके पर पूर्व प्रधान वेदपाल धामा, मौलाना मोहमद मोमीन, गुलजार, महताब, हनीफ, तहसीम, शाबिर, यूसुफ, हाफिज हामिद, जनेश्वर, सूरज गुर्जर समेत अन्य मौजूद रहे।