छपरौली को चौधरी परिवार का गढ़ माना जाता है और वहां के लोग इस परिवार से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं। क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की छपरौली कर्मभूमि रही है तो वहां से आज तक चौधरी परिवार व उनकी पार्टी के ही विधायक बने हैं। इसलिए ही लोकसभा चुनाव की रैलियों की शुरूआत 12 फरवरी को पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह की जयंती पर छपरौली से करने की रालोद ने तैयारी की थी।
जहां सबसे पहले चौधरी अजित सिंह की 1200 किलो की विशाल मूर्ति का अनावरण होना था और उसके बाद रैली होनी थी। उस समय चौधरी जयंत सिंह इंडिया गठबंधन का हिस्सा थे और मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में इंडिया गठबंधन के कई बड़े नेताओं को आने के लिए बुलावा दिया गया था। मगर इस बीच ही जयंत सिंह की भाजपा से बातचीत शुरू हुई तो मूर्ति अनावरण कार्यक्रम को टाल दिया गया।
यह कहा गया कि भाजपा से गठबंधन का ऐलान छपरौली की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली व चौधरी अजित सिंह की मूर्ति अनावरण के साथ होगा। मगर ऐसा भी नहीं हो सका। इस तरह उस समय चौधरी अजित सिंह की मूर्ति अनावरण का कार्यक्रम कई दिनों तक चर्चाओं में रहा।
19 को जयंत आएंगे, तब भी नहीं होगा अनावरण
छपरौली के श्री विद्या मंदिर इंटर काॅलेज में मूर्ति को लगवा दिया गया। मगर छह महीने से उसकी सुध कोई नहीं ले रहा है। जबकि छपरौली से उनके ही विधायक डाॅ. अजय कुमार है और रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत की पत्नी चारू चौधरी भी छपरौली में चुनाव के बाद आ चुकी है। इसके बावजूद किसी को चौधरी अजित सिंह की मूर्ति की याद नहीं आ रही है और वह पॉलिथीन में लिपटी हुई खड़ी है। अब 19 सितंबर को चौधरी जयंत सिंह छपरौली की धरती पर मंत्री बनने के बाद पहली बार आएंगे। मगर उस दिन भी उनके कार्यक्रम में चौधरी अजित सिंह की मूर्ति के अनावरण या वहां जाने को लेकर कुछ नहीं लिखा गया है।
पहले शासन से अनुमति लेने में समय लगा था और उसके बाद आचार संहिता लग गई थी। मूर्ति का अनावरण जल्द ही भव्य कार्यक्रम में बड़ी शख्सियत करेगी। अब अनावरण के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। - डाॅ. अजय कुमार, विधायक रालोद
स्व. चौधरी अजित सिंह हमारे श्रद्धेय हैं। उनको कभी नहीं भुलाया जा सकता है। उनकी मूर्ति भी याद है और उसका अनावरण जल्द कराया जाएगा। इसके लिए बातचीत हो रही है और जल्द बड़ा कार्यक्रम होगा। -डाॅ. सुभाष गुर्जर, जिलाध्यक्ष रालोद