बागपत। सिंघावली अहीर क्षेत्र के एक गांव से कालेज जाते समय छात्रा का अपहरण होने के कई दिन बाद भी बरामद नहीं की जा सकी। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने हंगामे प्रदर्शन के बाद पंचायतें कर पुलिस की कार्यशैली पर आक्रोश भी जताया। इसके बाद अपहरण होने के 11 दिन बाद छात्रा का शव बरामद किया गया।
दसवीं की छात्रा का शव मिलने के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया। इसकी सुनवाई न्यायालय में शुरू हुई। इसमें 100 से अधिक तारीखों पर अभियोजन पक्ष ने 44 में से 14 गवाह न्यायालय में पेश किये। इसके आधार पर सुनवाई हुई और नौ साल बाद चारों हत्यारों पर दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास सजा सुनाई गई और अर्थदंड लगाया।
परिजन बोले, फांसी होनी चाहिए थी, फिर भी हम संतुष्ट
मृतक छात्रा के नाना ने सिंघावली अहीर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसकी पैरवी पूरे परिवार और गांव के ग्रामीणों ने मिलकर की। बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान कई बार उनके सामने समझौता करने का प्रस्ताव भी दिया गया, लेकिन उन्होंने समझौता नहीं किया। मृतका के मामा ने बताया कि आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की थी, लेकिन न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इससे हमारा परिवार संतुष्ट है।
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मृतका के हाथ में मिले थे आरोपियों के बाल
अधिवक्ता ने बताया कि मुकदमे में गवाही के साथ न्यायालय में सबूत भी पेश किए गए। आरोपियों के पास से मृतका का स्कूल बैग, साइकिल समेत अन्य सामान एक आरोपी के मकान से बरामद किए गए। इसके अलावा मृतका के हाथों में आरोपियों के बाल मिले थे, जिनकी जांच रिपोर्ट भी सबूत के तौर पर पेश की गई।