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Baghpat News: बेगुनाहों को जेल भेजने का आरोप, ग्रामीण थाने में धरने पर बैठे

Mon, 23 Sep 2024 02:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
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रमाला। बूढ़पुर गांव में बृहस्पतिवार रात पुलिस पर हमला और पथराव करने के मामले में रविवार को ग्रामीण इकट्ठा होकर रमाला थाने पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। उन्होंने पुलिस पर बेगुनाहों को जेल भेजने का आरोप लगाते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। चार घंटे चले धरने में पुलिस और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक और हंगामा भी हुआ।
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थाने में धरने पर पहुंचे ग्रामीण सेंसरपाल, राजकुमार, जगवीर, पवन आदि ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब एक बजे दो युवक बूढ़पुर गांव पहुंचे, जिन्होंने वर्ग विशेष की एक युवती को उठाकर ले जाने का प्रयास किया। आरोप लगाया कि तभी एक महिला के शोर मचाने पर भूसा ढो रहे लोगों ने एक युवक को पकड़कर पिटाई कर दी, जबकि दूसरा भाग गया। वहां पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ ग्रामीणों और प्रधान के बीच कहासुनी हो गई।
इसके बाद पुलिस ने प्रधान और 15 नामजद समेत 40 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोप लगाया कि पुलिस ने शुक्रवार रात गांव में दबिश देकर तीन-चार घरों के दरवाजे तोड़ दिए। जहां पर महिलाओं के साथ मारपीट की और जो भी व्यक्ति घर में मिले, उन्हें गिरफ्तार कर बिना जांच किए ही जेल भेज दिया गया। आरोप लगाया कि जेल भेजे गए 11 लोग बेगुनाह है, जो मुकदमे में नामजद भी नहीं है। थाने में पहुंचे सीओ विजय चौधरी ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन देकर शांत कराया।
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दिव्यांग को भी भेजा जेल
बूढ़पुर गांव के सेंसरपाल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दिव्यांग सोनू को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जो एक हाथ से दिव्यांग है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने खुद ही नाम पता कर मुकदमा दर्ज कर दिया।

रीढ़ की हड्डी टूटने पर चारपाई पर पड़ा, पुलिस ने बना दिया आरोपी
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस ने आसिफ को भी मुकदमे में नामजद आरोपी बना दिया, जबकि कई माह पहले आसिफ की रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। जो चारपाई पर ही लेटा रहता है और परिवार वाले ही उसकी देखभाल करते है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल भी उठाए।

पहले बेगुनाहों को जेल से छुड़ाओ
ग्रामीणों ने पुलिस से बेगुनाहों को जेल से बाहर निकलवाने की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि बेगुनाहों की रिहाई का आश्वासन मिलने के बाद ही धरना समाप्त किया जाएगा। इसके बाद निष्पक्ष जांच के आश्वासन पर ग्रामीण माने।
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युवती मां के बयान बदलवाने का आरोप लगाया
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि किशनपुर बराल गांव का युवक जिस युवती को उठाकर ले जाने आया था, पुलिस ने उसकी मां के बयान भी बदलवा दिए। इसके बाद घटना बदलकर चोरी की धारा में मुकदमा दर्ज किया और ग्रामीणों के खिलाफ भी फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया। जबकि गांव की सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी नहीं देखी गई।
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वर्जन-बूढ़पुर गांव में पुलिस पर पथराव करने के आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। ग्रामीणों से घटना से जुड़ी वीडियो और फुटेज मांगी गई है। जिन्हें जांच में शामिल कर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। बेगुनाहों को जेल नहीं भेजा जाएगा। - विजय चौधरी, सीओ।
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