संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। जैन संत अरूण चंद्र ने कहा कि साधक को अपनी साधना पर विश्वास होना चाहिए। इससे जीवन में कभी परेशानी नहीं आएगी।
जैन संत अरुण चंद्र शनिवार को नगर की जैन स्थानक शहर में एक धर्म सभा को संबोधित कर रहे थे। कहा कि दुख को जो हंसते-हंसते बिता दे, वही साधु है। इस जन्म या पूर्व जन्म के कर्मों को तो झेलना ही पड़ेगा। यदि व्यक्ति अपने किए कर्मों का फल नहीं भुगतेगा, तो उसकी आत्मा भारी बनी रहेगी। यही वजह है कि महापुरुष अपने संकट से परेशान न होकर आराधना में लगे रहते हैं। साधक कभी भी अपनी शक्ति का प्रदर्शन नहीं करते। जब उनके जीवन में संकट आता है तो वे संकट के समय को वरदान मान लेती है।