खेकड़ा। बड़ागांव त्रिलोक तीर्थ धाम पर सोमवार को धर्म सभा मे आचार्य श्री 1008 ज्ञान सागर जी महाराज ने कहा कि मोह माया के जाल मे फंसकर मनुष्य गलत मार्ग की तरफ जा रहा है। मनुष्य को सदैव धर्म के मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक और सुखदायी बनाना चाहिए। आज मनुष्य धन के वशीभूत हो धर्म के साथ ही सभी रिश्ते नातों का त्याग कर दिशा विहीन होकर गलत रास्ते पर चल रहा है। यह उसके पतन का कारण बन रहा है। यदि मनुष्य अच्छे कार्य कर सभी के दुख दर्द में शामिल होगा तो उसका जीवन सफल हो जाता है। साथ ही गरीब असहाय दीन दुखियों की सेवा कर सदैव सत्य अहिंसा के मार्ग पर चलना चाहिए।