खेकड़ा। ग्राम रटौल में बुखार ने एक अधेड़ और एक युवती की जान ले ली। साथ ही दर्जनों लोग बुखार से पीड़ित हैं।
ग्राम रटौल मे जानलेवा बुखार ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। बुखार से ग्रस्त 50 वर्षीय अंसार पुत्र इरफान एवं इकबाल की 20 वर्षीय पुत्री यासमीन को गत करीब 10 दिन पहले दिल्ली के जीटीबी अस्पताल मे भर्ती कराया गया था। जिनकी मंगलवार की रात्रि अस्पताल में ही स्वास्थ मे सुधार न होने के कारण बुखार से मौत हो गयी। जानलेवा बुखार से एक साथ दो की मौत होने से रटौल गांव के लोगो में मातम छा गया। मृतकों के परिजनों का रोकर बुरा हाल है। गमगीन माहौल में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। गांव में बच्चे, महिला, पुरुषों समेत तीन दर्जन से अधिक बुखार से ग्रस्त हैं, जिनका उपचार परिजन विभिन्न स्थानों पर करा रहे हैं। जानलेवा बुखार के प्रकोप के बावजूद स्वास्थ्य विभाग मूकदर्शक बना हुआ है, जिससे लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति कड़ा आक्रोश है। दहशत जदा लोगों ने उच्चाधिकारियों से गांव में लोगों को जानलेवा बुखार से बचाव के लिए स्वास्थ्य शिविर लगवाने के साथ ही सफाई व्यवस्था की मांग की। ग्रामीण आसिफ, यूसूफ, सलीम, इस्लाम, नूरमौहम्मद, तसलीम, जावेद, फारूख, असलम आदि ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन ने तत्काल उचित कदम नहीं उठाए तो वह बागपत कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन करेंगे। सीएचसी प्रभारी डाॅ. अमर सिंह गुंजियाल का कहना है कि रटौल में बुखार के प्रकोप की उन्हें जानकारी नहीं थी। शिविर लगाने के साथ ही तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।