छपरौली (बागपत)। खेतों से मिट्टी का नमूना लेने के लिए कृषि विभाग की ओर से जीपीएस का इस्तेमाल किया जाएगा। जिस खेत से नमूना लिया जाएगा वहां के अक्षांक्ष और देशांतर कृषि विभाग की वेबसाइट पर अप लोड किए जाएंगे। इससे उस खेत की सटीक जानकारी मिल सकेगी। शासन से छपरौली विकास खंड को दो जीपीएस यंत्र मिल चुके हैं। इन यंत्र से प्रथम चरण में रठौड़ा, सिलाना, चंदन हेड़ी, सोंटी, बासौली, कुरड़ी, नांगल, रमाला के शत प्रतिशत नमूने लिए जाएंगे। राजकीय कृषि बीज भंडार छपरौली के प्रभारी महेश कुमार खोखर ने बताया सभी तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षण देकर चंदनहेड़ी गांव से योजना का शुभारंभ किया। किसानों को जीपीएस से फायदा पहुंचेगा। अच्छी तरह मिट्टी लाकर प्रयोगशाला में जांच कर पोषक तत्वों की कमी बताई जाएगी। किसान का मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा। वेबसाइट से किसान अपना मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी प्राप्त कर सकते हैं।