बागपत। स्वर्णकार धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास श्रीधर महाराज ने कहा जब-जब धर्म की हानि होती है तब-तब भगवान दुष्टों का नाश करने के लिए पृथ्वी पर जन्म लेते हैं। सूर्योदय से बाहरी अंधकार दूर होता है, लेकिन श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ, अंत:करण को ज्योर्तिमय करता है। अंत:करण की पवित्रता जीवन को पापों से विरक्त कर शुभकर्म के लिए प्रेरित करती है। जिन मनुष्य पर भगवान की विशेष कृपा होती हे, वो ही प्राणी श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करते है। कथा में बामन अवतार की कथा का विर्णन किया गया। भगवान श्रीकृष्ण जन्म की लीला का वर्णन किया गया। जिनमें कृष्णा जन्मोत्सव की झांकी निकाली गई। भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया।