दोघट (बागपत)।
जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के तत्वावधान में चल रही वेद प्रचार यात्रा के 16वें दिन धनौरा गांव में कार्यक्रम हुआ। यज्ञ में लोगों ने आहुतियां दी।
इस अवसर पर अशोक प्रबोध आर्य ने बताया वेद हमारा धर्म ग्रंथ है। सब मनुष्य परमात्मा की संतान है। कोई छोटा बड़ा नहीं है। इसलिए मनुष्य की जाति एक है। जिस प्रकार का मनुष्य कार्य करता है, वैसा ही उसे कहने लगते है। परमपिता परमात्मा पर सबका समान अधिकार है। इसीलिए कहीं भी कभी भी परमात्मा का ध्यान किया जा सकता है। इंसान और भगवान के बीच में कोई दलाल नहीं होता। परमात्मा से इंसान का सीधा संबंध होता है, लेकिन धर्म अधिकारियों ने अलग-अलग भेद पैदा किए हैं। आर्य समाज इन का विरोध करता है। प्रतिनिधि सभा बागपत के प्रधान रामपाल सिंह आर्य नें कहा कि आर्य समाज श्रेष्ठ चरित्रवान मनुष्य का संगठन है। यह स्वामी दयानंद द्वारा बनाई गई संस्था है। इसका उद्देश्य संसार का उपकार करना और अविद्या, अंधकार, कुरीतियां, आडंबर आदि को साफ करना है। इस अवसर पर हरवीर सिंह, ओमवीर सिंह, मिंटू सिंह सहरावत आदि उपस्थित रहे।