दोघट (बागपत)। नंगला कनवाड़ा में चल रहे तीन दिवसीय सामवेद पारायण यज्ञ का पूर्णाहुति से समापन हुआ। यज्ञ के ब्रह्मा स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने यज्ञ और रक्षाबंधन बारे में बताया। उन्होंने ओइम शब्द की व्याख्या करते हुए सभी को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रात: पांच बजे लंबे सांस से ओइम का उच्चारण दस बार बरने से सभी दुख दूर हो जाएंगे। उन्होंने सभी ओइम का उच्चाकरण करने का आह्वान किया और यज्ञ में उपस्थित लोगों को इस कार्य को करने की शपथ दिलाई। इस मौके पर कृष्ण कुमार राणा, तेजपाल राणा, संजीव राणा, पप्पन राणा, ओमकार सिंह आदि रहे। ग्राम प्रधान मांगेराम ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। ब्यूरो