बागपत। श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में दशलक्षण पर्व के अवसर पर पहले दिन अभिनंदन नाथ भगवान का विधान किया गया। इसमें मध्य प्रदेश से आए पंडित सुलभ जैन शास्त्री और मयंक जैन शास्त्री के निर्देशन में 1008 अजीतनाथ भगवान, शांतिनाथ भगवान व श्री नेमिनाथ भगवान का अभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने श्रीजी को 70 अर्घ्य अर्पित किए।
श्री शांतिनाथ भगवान वेदी में विराजित श्री 1008 पारसनाथ भगवान को सौधर्म इंद्र ने मस्तक पर विराजमान कर मंदिर प्रांगण का भ्रमण कर चौबीसी विधान समोसारण में विराजमान किया। कुणाल जैन को शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त हुआ। विधान में कामिनी जैन, अनीता जैन, सुशीला जैन, डिंपल जैन, नीलम जैन ने पंच परमेष्ठी मंगल कलश स्थापित किया।
मीनू जैन ने जिनवाणी और बालेश जैन ने अखंड ज्योति ने संपन्न कराई। इसके उपरांत 1008 अभिनंदन नाथ भगवान के विधान की क्रिया शुरू कराई। शाम को धर्म सभा हुई, इसमें पंडित सुलभ जैन ने धर्म को कभी भूलना नहीं चाहिए और हमेशा धर्म मार्ग पर ही चलने का आह्वान किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों से धार्मिक प्रश्न पूछे और उसके बाद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में जैन समाज के अध्यक्ष पंकज जैन, कोषाध्यक्ष पीयूष जैन, मंत्री अतुल जैन, प्रबंधक मुन्ना जैन, विनीत जैन, संजीव जैन, सार्थक जैन, यश जैन, तरुण जैन, निशू जैन, ऋषभ जैन, सुषमा जैन, बबीता जैन, कोमल जैन, पलकी जैन, अर्चना जैन मौजूद रहे।
दशलक्षण पर्व पर कस्बे में निकाली कलश यात्रा
अग्रवाल मंडी टटीरी। सिद्ध चक्र विधान के उपलक्ष्य में बुधवार को जैन समाज की महिलाओं ने कस्बे में कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया। यात्रा जैन मंदिर से शुरू होकर कस्बे के अलग-अलग मार्गों से होते हुए मंदिर पर ही संपन्न हुई। मौके पर सतीश जैन, प्रमोद जैन, प्रवीण कुमार जैन, महेश जैन, संजय जैन, मुकेश जैन, सुनील जैन, डॉक्टर सचिन जैन, देवेंद्र जैन, योगेश जैन, पारस जैन, शुभम, विवेक, राहुल पंडित, चंद्रभान जैन मौजूद रहे। संवाद
उत्तम धर्म की आराधना की
अमीनगर सराय। कस्बे के जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व के पहले दिन इंद्र ध्वज महा मंडल विधान का शुभारंभ किया। आचार्य शिवम शास्त्री ने महा अर्घ्य अर्पित किए। इससे पूर्व श्रद्धालु प्रवीण जैन ने श्रीजी का अभिषेक किया और उत्तम क्षमा धर्म की आराधना की। मौके विनोद जैन, जयकुमार जैन, अरुण जैन, सुधीर जैन, अशोक जैन, राकेश जैन, बाबूलाल जैन उपस्थित रहे। संवाद