बागपत। खपराना और ककौर गांव के बीच की दूरी 45 से 50 किमी के बीच है। वन विभाग की अदूरदर्शिता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खपराना के जंगल से ककौर तक पिंजरे को ट्रैक्टर ट्रॉली में ले जाया गया। यही वजह है कि वक्त बीतता गया और तेंदुआ तमाशा बन गया। रेंजर राजपाल सिंह कहते हैं कि संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली में ले जाया गया।