दोघट (बागपत)। आचार्य धन कुमार शास्त्री ने कहा कि हमेें उन्नति शील व्यक्ति को देखकर प्रसन्न होना चाहिए। इससे आदमी का मानसिक स्तर बढ़ता है। ऐसा व्यक्ति हमेशा स्वस्थ रहता है। उन्होंने तवेला गढ़ी गांव में चल रहे राष्ट्र कल्याण सामवेद पारायण यज्ञ के ब्रह्मा पद से बोलते हुए कहा कि सुखी लोगों से मित्रता करने से आदमी को सामाजिक बल मिलता है। दुखी की तन, मन, धन से सहायता कर उसका सामाजिक स्तर बढ़ाना हमारा नैतिक कर्तव्य है। श्रीकृष्ण ने निर्धन सुदामा की निर्धनता को दूर कर अपने बराबर बना दिया। यज्ञमान संजीव, उनकी पत्नी गुलशन देवी, कृष्णपाल, उनकी पत्नी कविता देवी, विशेष, उनकी पत्नी कल्पना देवी, प्रवेंद्र, उनकी पत्नी रीना देवी यज्ञमान रहे। वेदपाल पंडित अशोक शास्त्री, अंकित शास्त्री, ओमप्रकाश, सहंसरपाल, महक सिंह, सतेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, आनंद, सुरेश पाल, राजीव प्रधान, हरेंद्र प्रधान, देवेंद्र प्रधान, किरण सिंह, रोशन लाल आदि रहे।